Sonbhadra News : घायल गया अस्पताल, वापस लौटी लाश, दुद्धी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल
। सड़क हादसे में घायल एक युवा संविदा कर्मी की मौत ने दुद्धी के स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से घायल युवक को कथित तौर पर.....

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12:46 AM, June 17, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सड़क हादसे में घायल एक युवा संविदा कर्मी की मौत ने दुद्धी के स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से घायल युवक को कथित तौर पर बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि मौत के बाद निजी अस्पताल से जुड़े लोग शव को वापस सीएचसी परिसर में छोड़कर चले गए। अब यह मामला सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित दलाल तंत्र और निजी अस्पतालों की भूमिका पर बड़ा सवाल बन गया है।
मृतक रामविचार गोड़ की मौत के बाद परिजनों ने जिस तरह के आरोप लगाए हैं, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सवाल उठ रहा है कि यदि सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को रेफर करना आवश्यक था तो क्या इसकी विधिवत प्रक्रिया अपनाई गई? क्या परिजनों को सभी विकल्प बताए गए थे? और सबसे बड़ा सवाल—क्या अस्पताल परिसर में मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने का कोई अनौपचारिक नेटवर्क सक्रिय है?
मौत के बाद मचा हड़कंप, जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग -
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. जी.एस. यादव ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने दुद्धी पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी। संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब देने का अवसर दिया गया है।
नोडल अधिकारी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अस्पताल सीज करने तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में -
घटना ने केवल निजी अस्पताल ही नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीएचसी परिसर में कथित दलाल सक्रिय हैं तो आखिर स्वास्थ्य विभाग अब तक आंखें मूंदे क्यों बैठा था? क्या अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी या फिर सब कुछ उनकी नजरों के सामने होता रहा?
क्षेत्र में चर्चा है कि गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर मोड़ने का खेल कोई नई बात नहीं है। यदि जांच में यह सच साबित होता है तो यह केवल एक अस्पताल का मामला नहीं बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल होगा।
एक साल पहले हुई थी शादी, अब उजड़ गया परिवार -
रामविचार गोड़ की शादी अभी पिछले वर्ष ही हुई थी। हाल ही में शिक्षा विभाग में संविदा कर्मी के रूप में चयन हुआ था और परिवार भविष्य के सुनहरे सपने देख रहा था। लेकिन एक सड़क हादसे के बाद शुरू हुई घटनाओं की श्रृंखला ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।




