Sonbhadra News : दो दशक से बंद 'सोन महोत्सव' को फिर शुरू करने की मांग को लेकर उद्योग व्यापार संगठन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
करीब दो दशक से बंद पड़े सोन महोत्सव को नए स्वरूप में पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर आज उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा....

जिलाधिकारी को ज्ञापन देते उ0प्र0 उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा.....
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2:18 PM, July 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । करीब दो दशक से बंद पड़े सोन महोत्सव को नए स्वरूप में पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर आज उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने बताया कि "वर्ष 2009-10 में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया सोन महोत्सव जनपद की सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आयोजन था। इसका उद्देश्य सोनभद्र की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत, जनजातीय कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देना था। इसके साथ ही स्थानीय एवं जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा बाहरी कलाकारों से सीखने का मंच भी उपलब्ध कराया जाता था।"
कौशल शर्मा ने कहा कि "सोनभद्र प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और औद्योगिक संभावनाओं से समृद्ध जिला है। ऐसे में यदि सोन महोत्सव को राज्य सरकार द्वारा मेगा पर्यटन एवं उद्योग महोत्सव के रूप में विकसित किया जाए तो यह केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यटन, उद्योग, निवेश, एमएसएमई, ओडीओपी, हस्तशिल्प, जनजातीय कला और स्थानीय उद्यमिता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा।"
उन्होंने मांग किया कि पर्यटन, औद्योगिक विकास, संस्कृति, वन विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में इस महोत्सव का प्रतिवर्ष भव्य आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही देश के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों, पर्यटन विशेषज्ञों और ट्रैवल एजेंसियों को आमंत्रित कर सोनभद्र की औद्योगिक एवं पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।ज्ञापन में महोत्सव के लिए पृथक बजट की व्यवस्था करने, उच्च स्तरीय आयोजन समिति गठित करने तथा इसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख आयोजनों की श्रेणी में शामिल करने की भी मांग की गई है।
जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि यदि यह प्रस्ताव अमल में आता है तो सोनभद्र को पर्यटन, उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र को भी अभूतपूर्व गति मिलेगी, जिससे 'विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत' के संकल्प को मजबूती मिलेगी।




