Sonbhadra News : योगी सरकार की औद्योगिक नीति से बदली जिले की तस्वीर, 54 नई इकाइयों ने शुरू किया उत्पादन
कभी पिछड़े जिलों में गिने जाने वाले सोनभद्र में अब औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश और उद्योग केंद्रित नीतियों का असर जनपद में स्पष्ट दिखाई देने लगा है...

जिलाधिकारी चर्चित गोंड.....
sonbhadra
5:08 PM, June 29, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• 5609 करोड़ के निवेश से 4500 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार
सोनभद्र । कभी पिछड़े जिलों में गिने जाने वाले सोनभद्र में अब औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश और उद्योग केंद्रित नीतियों का असर जनपद में स्पष्ट दिखाई देने लगा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत निवेश करने वाली 54 औद्योगिक इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। इन इकाइयों में 5609 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 4500 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और लगभग 10 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। प्रशासन का दावा है कि इससे जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने के साथ युवाओं का पलायन भी रुकेगा।
67 प्रस्तावों में से 54 परियोजनाएं धरातल पर उतरीं -
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जनपद में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन लगातार निवेशकों के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 1,32,110.29 करोड़ रुपये के 67 निवेश प्रस्ताव ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के लिए चिन्हित किए गए थे। इनमें से 54 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से अब तक 4585 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिल चुका है, जबकि हजारों लोगों को परिवहन, निर्माण, व्यापार और अन्य सेवाओं के माध्यम से अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हुआ है।
एसीसी सीमेंट प्लांट से बढ़ेगी औद्योगिक ताकत -
जिलाधिकारी ने बताया कि सलई बनवा स्थित अडानी समूह के स्वामित्व वाले एसीसी सीमेंट प्लांट से जल्द पूर्ण क्षमता के साथ उत्पादन शुरू होगा। इसके शुरू होने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इसके अलावा 200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एनटीपीसी के सोलर प्रोजेक्ट का कार्य अंतिम चरण में है, जबकि ज्वालामुखी इंटरप्राइजेज की परियोजना भी शीघ्र उत्पादन शुरू करने जा रही है।
निवेशकों की समस्याओं का युद्ध स्तर पर हो रहा समाधान -
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि औद्योगिक विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए प्रशासन निवेशकों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण कर रहा है। भूमि, बिजली, सड़क, स्वीकृतियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आने वाली बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है, ताकि सभी परियोजनाएं तय समय पर शुरू होकर स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करा सकें।
इन प्रमुख उद्योगों ने शुरू किया उत्पादन -
जनपद में उत्पादन शुरू करने वाली प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में ओबरा-सी (13005 करोड़ रुपये, 2500 रोजगार), एमप्लस तुंगभद्रा (200 करोड़ रुपये, 500 रोजगार), वल्लुप ब्रेविंग (48 करोड़ रुपये, 90 रोजगार), काशी विश्वनाथ डेयरी (45 करोड़ रुपये, 60 रोजगार) तथा सोन स्टील (10 करोड़ रुपये, 300 रोजगार) प्रमुख हैं। इन इकाइयों के संचालन से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
रोजगार के नए अवसरों से युवाओं में बढ़ी उम्मीद -
औद्योगिक इकाइयों के संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। लंबे समय से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने वाले युवाओं को अब जिले में ही काम मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में शेष निर्माणाधीन परियोजनाएं भी शुरू होने के बाद सोनभद्र प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक जिलों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।




