Sonbhadra News : महिला आयोग की जांच में दुद्धी सीएचसी की खुली पोल, 9 स्टाफ चल रहे सीएल पर, रजिस्टर पर चढ़ा मिला एडवांस सीएल
उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर को देखा, जहां सीएचसी अधीक्षक सहित 23 कर्मचारी उपस्थिति पंजीका पर दर्ज मिले । लेकिन जब उन्होंने गहनता से देखा और पूछताछ शुरू की तो हैरान करने वाला मामला सामने आया।

जनसुनवाई के दौरान राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात
sonbhadra
7:36 PM, December 24, 2024
रमेश यादव (संवाददाता)
★ डेढ़ महीने बाद भी अस्पताल को गंदगी से नहीं मिली निजात, लगाई फटकार
★ आप जनसेवक हैं जननायक नही- नीलम प्रभात
★ या तो आप डॉक्टरों स्टॉपो से मिले हैं या आपकी सुनते नहीं- नीलम प्रभात
★ धात्री महिलाओं को नही मिल रहा नास्ता व भोजन
★ जन औषधि केंद्र बन्द होने पर की जबाब तलब
दुद्धी (सोनभद्र) । लगभग डेढ़ महीने बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात एक बार फिर मंगलवार को दुद्धी सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची । निरीक्षण से पहले उन्हें लगा था कि पिछली बार दिए गए निर्देश व चेतावनी के बाद अस्पताल में हालात जरूर सुधरे होंगे । लेकिन अस्पताल पहुंचते ही जगह-जगह गंदगी देख वे भड़क गई और अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई । इसके बाद उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर को देखा, जहां सीएचसी अधीक्षक सहित 23 कर्मचारी उपस्थिति पंजीका पर दर्ज मिले । लेकिन जब उन्होंने गहनता से देखा और पूछताछ शुरू की तो हैरान करने वाला मामला सामने आया । उपस्थिति रजिस्टर में 3 लोग सीएल पर मिले तो वहीं एक की सीएल 27 दिसम्बर तक एडवांस में अंकित मिला । जबकि 34 संविदाकर्मियों में 6 संविदाकर्मी सीएल पर देख भड़क गई । उन्होंने सीएचसी अधीक्षक डॉ शाह आलम एवं बाबू संजय कुमार से पूछा कि आखिर एक साथ इतने सीएल क्यों और किसके आदेश से दिया गया, जिस पर अधीक्षक चुप्पी साध ली ।एक स्टाफ द्वारा एडवांस में सीएल चढ़ाए जाने के मामले पर पूछने पर सभी की बोलती बंद नजर आयी । गंदगी को लेकर आयोग की सदस्य ने अधीक्षक को याद दिलाया कि पिछली बार आप ने गुमराह करते हुए कहा था कि स्टाफ की कमी है जबकि यहां पर्याप्त स्टाफ है लेकिन उन पर या तो आपका वश नहीं चल रहा या फिर वे बेलगाम हो गए हैं और आपको कुछ नहीं समझते ।बाद में अधीक्षक ने माना कि कोई स्टाफ उनकी नहीं सुनता ।
महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि उनकी सरकार ने सारी सुविधा दे रखी है लेकिन यहां दुर्व्यवस्था के कारण सरकार की छवि खराब हो रही है जबकि छत्तीसगढ़ एवं झारखंड की सीमा से लगने जे कारण वहां के भी गरीब लोग यहां इलाज के लिए आते हैं लेकिन स्टाफ की कमी व डॉक्टर न मिलने के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है । इतना ही नहीं मरीजों को औषधि केंद्र बंद होने की वजह से बाहर से दवा लेनी पड़ती है।
राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में जिम्मेदार रहे नदारत, मामलों का नहीं हो सका निस्तारण
० घरेलू हिंसा की शिकार महिला आपबीती सुनाते हुए फ़फ़क पड़ी तो महिला आयोग की सदस्य के भी निकले आंसू
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने मंगलवार को दुद्धी तहसील के सभागार में महिलाओ की समस्याओं को सुना। जनसुनवाई में 5 मामले आए जिसमें से 3 मामले राजस्व से संबंधित तथा दो मामले महिला प्रताड़ना से संबंधित आया। दुद्धी कोतवाली क्षेत्र की एक महिला घरेलू हिंसा की आपबीती सुनाते हुए फ़फ़क कर रोने लगी । जिस पर तुरंत राज्य महिला आयोग की सदस्य खड़ी होकर गले लगाते हुए कार्यवाही का संतावना देते हुए चुप कराया और उपस्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं अन्य विभाग से मदद का भरोसा दिया।इस दौरान राज्य महिला आयोग के सदस्य भी घरेलू हिंसा की प्रताड़ना को देख भावुक हो गई और उनके आँखों से भी आंसू निकल पड़े।
मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि सोनभद्र आकांक्षी जिला में शामिल हैं इसलिए सरकार द्वारा काबिल और जिम्मेदार अफसरों की तैनाती की जाती हैं लेकिन अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा हैं कि निर्धारित जनसुनवाई में जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं हैं जिससे राजस्व से संबंधित 3 मामलों का निस्तारण नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौपी जाएगी और जिलाधिकारी को सूचित किया जायेगा।




