Sonbhadra News : कृषि भूमि को एग्रीमेंट कर काटी जा रहीं अवैध कालोनियाँ, डीएम ने दिए जांच के आदेश
शहर और आसपास के इलाकों में जमीन के कारोबार पर माफिया सक्रिय हैं। नियम कायदे को ताक पर रखकर कालोनी काटी जा रही हैं। कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलने के नियम का भी कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है, जिसका...…...

प्लाटिंग की जांच करते अधिकारी.........
sonbhadra
8:36 PM, January 22, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । शहर और आसपास के इलाकों में जमीन के कारोबार पर माफिया सक्रिय हैं। नियम कायदे को ताक पर रखकर कालोनी काटी जा रही हैं। कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलने के नियम का भी कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है, जिसका फायदा माफिया उठा रहे हैं। यह खेल सियासत से गठजोड़ और प्रशासनिक स्तर पर सेटिंग से चल रहा है। इससे न केवल सरकार को राजस्व के रूप में नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि अनधिकृत कालोनी में प्लाट खरीदने वालों को भी ठगा जा रहा है।
इस संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने इन पर नकेल कसने के उद्देश्य से विनियमित क्षेत्र एवं तहसील राबर्ट्सगंज के अधिकारियों के समन्वय से कार्यवाही प्रारंभ करते हुए अवैध प्लाटिंग वाले क्षेत्रों में बगैर मानकों को पूरा किए प्लाटिंग करने वाले बिल्डरों को नोटिस जारी करने तथा स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया है साथ ही स्थलीय निरीक्षण के समय यह भी हिदायत दिया है कि बिल्डर/कम्पनी बिना राजस्व विभाग व विनियमित क्षेत्र से ले आउट प्लान स्वीकृति कराए प्लाटिंग कार्य न करें।
बताते चलें कि नियमों के विपरीत अधिकांश कालोनियाँ उरमौरा, लोढ़ी, चुर्क, हिंदुआरी और राबर्ट्सगंज शहरों के बाहरी रास्तों पर काटी जा रही हैं। इस खेल में शामिल भू-माफिया किसानों से कृषि भूमि को सस्ते दाम पर खरीदते हैं या तो एग्रीमेंट कराते हैं। भूमि को कृषि उपयोगी दर्शाकर खरीदा जाता है, लेकिन उसमें कालोनी काटनी शुरू कर दी जाती है, क्योंकि कृषि भूमि की रजिस्ट्री करने में स्टांप शुल्क कम लगता है, जबकि आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के लिए रजिस्ट्री कराने में छह गुना तक ज्यादा स्टांप शुल्क जमा करना पड़ता है। वहीं लोगों को सस्ते दाम पर प्लाट बेचने का झांसा देकर ठगने की कोशिश हो रही है जबकि प्लाट खरीदने पर मकान बनाने के बाद विद्युत लाइन को लेकर भी विवाद रहेगा।




