बताते चलें कि नियमों के विपरीत अधिकांश कालोनियाँ उरमौरा, लोढ़ी, चुर्क, हिंदुआरी और राबर्ट्सगंज शहरों के बाहरी रास्तों पर काटी जा रही हैं। इस खेल में शामिल भू-माफिया किसानों से कृषि भूमि को सस्ते दाम पर खरीदते हैं या तो एग्रीमेंट कराते हैं। भूमि को कृषि उपयोगी दर्शाकर खरीदा जाता है, लेकिन उसमें कालोनी काटनी शुरू कर दी जाती है, क्योंकि कृषि भूमि की रजिस्ट्री करने में स्टांप शुल्क कम लगता है, जबकि आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के लिए रजिस्ट्री कराने में छह गुना तक ज्यादा स्टांप शुल्क जमा करना पड़ता है। वहीं लोगों को सस्ते दाम पर प्लाट बेचने का झांसा देकर ठगने की कोशिश हो रही है जबकि प्लाट खरीदने पर मकान बनाने के बाद विद्युत लाइन को लेकर भी विवाद रहेगा।