Sonbhadra News : कानून को ताक पर रखकर युवक को दी ‘तालिबानी सजा’, मारपीट और अमानवीय कृत्य के आरोप में दो गिरफ्तार
बभनी थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ मारपीट और कथित अमानवीय कृत्य का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई। छेड़खानी की बात को लेकर युवक को कथित तौर पर जबरन घर के अंदर ले जाया गया और वहां................

गिरफ्तार आरोपी और क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी......
sonbhadra
7:51 AM, August 8, 2026
राजेश कुमार (संवाददाता)
बभनी। बभनी थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ मारपीट और कथित अमानवीय कृत्य का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई। छेड़खानी की बात को लेकर युवक को कथित तौर पर जबरन घर के अंदर ले जाया गया और वहां लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। आरोप यहीं तक नहीं रुके, बल्कि घटना का वीडियो भी बनाए जाने की बात सामने आई है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी दिखाते हुए एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल और क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी के पर्यवेक्षण में तथा प्रभारी निरीक्षक बभनी अरविन्द सरोज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बाजार से लौटते युवक को बनाया निशाना -
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, छह अगस्त को इकदीरी निवासी युवक बभनी बाजार से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान करकच्छी गांव के राजेन्द्र पुत्र छबिलाल, अजय पुत्र राजेन्द्र और अन्य छह-सात लोगों ने उसे छेड़खानी की बात को लेकर पकड़ लिया। आरोप है कि युवक को घर के अंदर ले जाकर जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से पीटा गया। इस दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और घटना का वीडियो भी बनाया गया।
घटना सामने आते ही पुलिस के पास पहुंचा परिवार -
युवक के भाई सरजू पुत्र हनुमान प्रसाद ने सात अगस्त को बभनी थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। तहरीर मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने धारा 109(1), 115(2), 352, 351(3) एवं 191(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया।
दो आरोपी गिरफ्तार, शेष की तलाश जारी -
पुलिस ने दबिश देकर करकच्छी निवासी अजय पुत्र राजेन्द्र और राजेन्द्र पुत्र छबिलाल को गिरफ्तार कर लिया। घटना में छह-सात अन्य लोगों के शामिल होने का आरोप है, इसलिए पुलिस उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
सवाल यह कि आखिर कैसे हुई कानून हाथ में लेने की हिम्मत -
छेड़खानी का आरोप सही था या गलत, इसकी जांच और कार्यवाही का अधिकार कानून को है लेकिन किसी व्यक्ति को पकड़कर खुद सजा देने, उसके साथ मारपीट करने और घटना का वीडियो बनाने का आरोप सामने आना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाह इस बात पर है कि मामले में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों तक पुलिस कब पहुंचती है और उनके खिलाफ क्या कार्यवाही होती है।




