Sonbhadra News : आधुनिक शिक्षा से बच्चों के सशक्त भविष्य का निर्माण करता हिंडाल्को
हिंडाल्को का ग्रामीण विकास विभाग, नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पाँच प्रमुख विषयगत क्षेत्रों-स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, सामाजिक सुधार एवं अवसंरचना विकास पर निरंतर कार्य कर रहा

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6:45 PM, September 2, 2025
मनोज बर्मा (संवाददाता)
रेनुकूट (सोनभद्र) । हिंडालको रेणुकूट क्लस्टर हेड समर नायक और क्लस्टर एचआर हेड जसबीर सिंह के नेतृत्व में तथा सीएसआर हेड अनिल झा के मार्गदर्शन में हिंडाल्को का ग्रामीण विकास विभाग, नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पाँच प्रमुख विषयगत क्षेत्रों – स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, सामाजिक सुधार एवं अवसंरचना विकास पर निरंतर कार्य कर रहा है। हिंडाल्को सीएसआर द्वारा किये जाने वाले विकास कार्य केवल नगर तक सीमित न होकर दुद्धी, म्योरपुर और बभनी तीनों ब्लॉकों तक विस्तारित हैं, इसके अंतर्गत हिंडाल्को 180 गाँव और रेणुकूट की 10 मलिन बस्तियों को कवर करता है। अपने इन सभी कार्यों के माध्यम से कंपनी समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का पुरजोर प्रयास कर रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में हिंडाल्को सीएसआर रेणुकूट ने कई उल्लेखनीय काम किये हैं। कंपनी द्वारा संचालित दो आदित्य बाल विद्या मंदिर (कक्षा पाँचवीं तक) और एक अपर प्राइमरी स्कूल विद्यालय (कक्षा आठवीं तक) में कुल 1445 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। बच्चों के शुरुआती विकास को मजबूत बनाने के लिए 10 आंगनबाड़ी केंद्रों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे लगभग 300 बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। इसी के साथ हिंडाल्को CSR द्वारा 11 बालवाड़ियों में 257 बच्चों के संस्कार विकास की व्यवस्था की जा रही है तथा इनमें से 257 बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई हैं।
विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हिंडाल्को CSR ने वर्ष 2024 -25 में पाँच विद्यालयों को ड्रेस और बेंच-डेस्क उपलब्ध कराए, जिससे 927 विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिला। वहीं, 300 आदिवासी छात्रों के लिए संचालित एक आवासीय विद्यालय ब्लॉक बभनी में चावल उपलब्ध कराकर उनके पोषण और शिक्षा दोनों की जिम्मेदारी निभाई गयी । बालिकाओं के भविष्य को दिशा देने के लिए 80 छात्राओं को करियर मार्गदर्शन कक्षाओं से जोड़ा गया।
इसी कड़ी में विद्यालयों में उन्नत डिजिटल अवसंरचना उपलब्ध कराकर छात्रों के लिए आधुनिक और इंटरएक्टिव शिक्षण वातावरण तैयार किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत महिला मंडल स्कूल में अत्याधुनिक डिजी लैब्स स्थापित किए गए हैं, जिनमें कंप्यूटर लैब, टैब लैब, स्मार्ट प्रोजेक्टर और स्मार्ट क्लासरूम की सुविधाएँ शामिल हैं। इन संसाधनों से विद्यार्थियों को पारंपरिक पठन-पाठन से आगे बढ़कर तकनीक आधारित शिक्षा का अनुभव मिल रहा है, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया और अधिक रोचक तथा प्रभावी बन रही है।




