Sonbhadra News : स्वस्थ्य पर्यावरण ही स्वस्थ्य जीवन की नींव - जिलाधिकारी
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने विकास खण्ड चतरा के ग्राम पंचायत ढोढरी के पास बेलन नदी के पुनरोद्धार कार्यक्रम का मंत्रोंच्चार के साथ पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया। इस.....

बेलन नदी के पुनरोद्धार कार्यक्रम का मन्त्रोच्चार के बीच शुभारम्भ करते डीएम बी0एन0 सिंह.....
sonbhadra
6:32 PM, June 5, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• बेलन नदी के पुनरोद्धार कार्यक्रम का डीएम ने मंत्रोच्चार के साथ किया शुभारंभ
• विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डीएम ने एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत बेलन नदी के किनारे किया वृक्षारोपण
सोनभद्र । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने विकास खण्ड चतरा के ग्राम पंचायत ढोढरी के पास बेलन नदी के पुनरोद्धार कार्यक्रम का मंत्रोंच्चार के साथ पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने नदी के किनारे एक पेड़ माँ के नाम महाकुंभ-2025 के स्मृति में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधरोपण किया।
इस दौरान जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने कहा कि "विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी जनपदवासी एक पेड़ मॉ के नाम पर आज पौध रोपण कर रहें है। जनपद के सभी अमृत सरोवरों पर भी आज वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में आज बेलन नदी के पुनरोद्धार कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है साथ ही जनपद की घाघर नदी, कर्मनाशा नदी,कनहर नदी आदि नदियों की सफाई हेतु अभियान चलाकर साफ-सफाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि नदियों की स्वच्छता हम सबकी जिम्मेदारी है, कोई भी मरा हुआ जानवर नदियों में न फेंके, इससे नदी का जल प्रदूषित होता है, प्रकृति ने एक व्यवस्था की है कि नदियां स्वयं अपने आप को स्वच्छ कर लेती हैं। जनपद सोनभद्र में आज नदी के पुनरोद्धार कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया साथ ही जनपद के छोटे नाले की सफाई का कार्य भी वृहद स्तर पर कराया जायेगा, जिससे कि बरसात का पानी नदियों व नालों में पानी इकठ्ठा हो और जल के स्तर में सुधार हो सकें। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 5 जून हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम पर्यावरण के संतुलन के कैसे बेहतर बनायें, पर्यावरण को संतुलन बनाये रखने के लिए पौध रोपण करना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सभी एक वृक्ष मॉ के नाम अवश्य लगायें और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहें तथा रोपित पौधों को संरक्षित करने का कार्य भी करें। पौधरोपण का कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा, यह कार्यक्रम आज तक ही सीमित नहीं रहेगा, स्वस्थ्य पर्यावरण भी स्वस्थ्य जीवन की नीव है।"




