Sonbhadra News : दीपावली से पहले स्वास्थ्य विभाग करने वाला था धमाका, मगर हो गया फुस्स
लेकिन सूत्रों की माने तो विभाग में अन्य अधिकारी-कर्मचारी सीएमओ के इस फैसले से सहमत नहीं थे। शायद यही कारण है कि पिछले सप्ताह जारी होने वाला पोस्टर फ़िलहाल रुक गया।

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12:02 PM, November 5, 2026
शान्तनु विश्वास
सोनभद । जिले में कितने अवैध अस्पताल चल रहे हैं, इसकी जानकारी खुद स्वास्थ्य विभाग के पास भी नहीं है। कई अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने रजिस्ट्रेशन नंबर तो दे दिया लेकिन एक अस्पताल चलाने के लिए जो जरूरी होना चाहिए वही नहीं है, और अब यही स्वास्थ्य विभाग के लिए सिर दर्द बन गया है । लगातार ऐसे अवैध अस्पतालों में हो रही मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग खुद चिंतित है और इससे निकलना चाहता है। अवैध अस्पतालों को लेकर विभाग की हो रही किरकिरी को देखते हुए सीएमओ ने लोगों को जागरूक करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया था। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर जारी करने का फैसला किया था ताकि कुछ लोग जागरूक होकर ऐसे अवैध अस्पतालों की तरफ रुख ना करें। लेकिन सूत्रों की माने तो विभाग में अन्य अधिकारी-कर्मचारी सीएमओ के इस फैसले से सहमत नहीं थे। शायद यही कारण है कि पिछले सप्ताह जारी होने वाला पोस्टर फ़िलहाल रुक गया।
सूत्रों की माने तो पोस्टर में स्वास्थ्य विभाग 10 ऐसे प्वाइंट डालने पर विचार कर रही थी, जिसके लगने से ग्रामीण इलाकों के लोगों को अवैध अस्पतालों के बारे में समझने में आसानी होती। लेकिन बताया जा रहा है कि विभाग में ऐसे कई अधिकारी- कर्मचारी हैं जिनका कॉकस काफी मजबूत है और वे नहीं चाहते कि किसी प्रकार का पोस्टर जारी हो, जिससे अवैध अस्पतालों के साथ उनकी भी दुकान बंद हो जाए ।
सीएमओ द्वारा जिन 10 पॉइंट को लिया गया था उसमें कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट यह भी था कि जितने भी नर्सिंग होम या अस्पताल संचालित हो रहे हैं उन्हें अपने बाहर बोर्ड टांगना होगा, जिसमें दर्शाना होगा कि उनके अस्पताल में एनेस्थीसिया करने वाले डॉक्टर का नाम व नम्बर क्या है। साथ ही सभी डॉक्टरों के नाम व डिग्री के साथ उनके नम्बर भी अंकित करना होगा।
बहरहाल दीपावली के पहले स्वास्थ्य द्वारा किए जाने वाला धमाका क्यों फुस्स हो गया यह तो विभाग ही बता सकेगा । लेकिन विभाग की इस गूंज से कई अवैध अस्पतालों की हवा तो निकल ही गई थी ।




