Sonbhadra News : स्वाइन फ्लू की दस्तक से पहले स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में बेड आरक्षित, स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियाँ रद्द
प्रदेश में स्वाइन फ्लू और मौसमी बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए जनपद में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित खतरे को देखते हुए सरकारी अस्पतालों से लेकर मेडिकल कॉलेज तक.......

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4:23 PM, August 31, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्रदेश में स्वाइन फ्लू और मौसमी बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए जनपद में भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। संभावित खतरे को देखते हुए सरकारी अस्पतालों से लेकर मेडिकल कॉलेज तक तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं। मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों में अलग बेड आरक्षित करने के साथ ही आवश्यक दवाओं और अन्य संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रदेश स्तर पर सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द किए जाने के बाद जिले में भी स्वास्थ्य व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मेडिकल कॉलेज में 10, सीएचसी पर पांच-पांच बेड आरक्षित -
संभावित स्वाइन फ्लू मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में 10 बेड तथा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का फोकस इस बात पर है कि संदिग्ध मरीज सामने आने पर उसे तत्काल अलग कर जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।मेडिकल कॉलेज में इन दिनों सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 आनन्द कुमार ने बताया कि "स्वाइन फ्लू को लेकर मेडिकल कॉलेज में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। जांच के लिए आवश्यक दवाएं एवं संसाधन भी मंगाए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार दिया जा सके।"
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि "स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर पूरी तरह सतर्क है। अस्पतालों में आवश्यक दवाएं और वैक्सीन उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि वैक्सीन पहले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को लगाई जाएगी, इसके बाद आम लोगों के लिए इसकी व्यवस्था की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को भी संभावित मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।"
सिरदर्द, बुखार और खांसी को नजरअंदाज न करें
सीएमओ डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने आमजन से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और सर्दी-जुकाम अथवा बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और गले में खराश शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसे लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें।
फिलहाल जनपद में नहीं है कोई संदिग्ध मरीज -
राहत की बात यह है कि फिलहाल जनपद में स्वाइन फ्लू का कोई संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है। सीएमओ डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है। संदिग्ध मरीज मिलने पर तत्काल जांच कराते हुए आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अस्पतालों में बेड, दवाओं और जांच की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को भी सतर्क किया गया है, ताकि स्वाइन फ्लू की संभावित दस्तक से पहले ही स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह तैयार रहे।




