Sonbhadra News : 'हेल्थ टिप्स' में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ0 शिव प्रकाश तिवारी से, जानिए मीठी गोली कैसे करती है हर मर्ज का इलाज
'हेल्थ टिप्स' में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ0 शिव प्रकाश तिवारी से, जानिए मीठी गोली कैसे करती है हर मर्ज का इलाज

डॉ0 शिव प्रकाश तिवारी
sonbhadra
12:38 PM, December 2, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । बच्चों, बड़ों, महिलाओं से जुड़ी लगभग हर तरह की बीमारियों का इलाज होम्योपैथी के माध्यम से संभव है। आज की जीवनशैली में तमाम असंगतियां हैं, जो अनेक तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ा रही हैं। हमारे बैठने, खाने-पीने का तरीका, सोने का समय, सही और समुचित नहीं है। इससे न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। होम्योपैथी में उपचार की ऐसी विधियां हैं, जिससे तन-मन को व्यवस्थित किया जा सकता है। आज हम आपने ख़ास कार्यक्रम 'हेल्थ टिप्स' में 50 शैय्या आयुष हॉस्पिटल के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ0 शिव प्रकाश तिवारी से रूबरू होंगे और कैसे स्वस्थ रहेंगे इस विषय पर ख़ास बात करेंगे।
सवाल - इस समय किस प्रकार की बीमारियां सामने आ रही हैं?
जवाब - डॉ0 शिव प्रकाश तिवारी ने जवाब देते हुए बताया कि इस समय ज्यादातर बुखार, सर्दी, खांसी, चर्म रोग और जैसे रोग सामने आ रहे हैं और उनका उपचार भी किया जा रहा है। वहीं इस समयठंड जनित रोगों का होमियोपैथ में अचूक इलाज है। होमियोपैथ दवाओं का नियम सेवन से ऐसे रोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
सवाल - मीठी गोलियों से कैसे बिमारी का उपचार किया जाता है?
जवाब - होम्योपैथी में बीमारी को देखकर उपचार करने के बजाय व्यक्ति की समस्याओं को देखा जाता है। होम्योपैथी विधा इस विचार से चलती है कि यदि एक ही बीमारी से ग्रस्त पांच व्यक्ति हैं, तो पांचों की दवाएं अलग-अलग होंगी। जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में होम्योपैथी का बहुत अच्छा असर होता है।
सवाल - क्या होम्योपैथिक से दवाओं से कोई दुष्प्रभाव भी होता है?
जवाब - डॉ0 शिव प्रकाश तिवारी ने जवाब देते हुए बताया कि होम्योपैथी के माध्यम से रक्तचाप, मधुमेह, थायराइड के साथ अनेक तरह की संक्रामक बीमारियों का भी उपचार किया जाता है। खास बात है कि होम्योपैथी की दवाओं का कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता। उपचार की अन्य विधियों से इसकी तुलना करें, तो यह अपेक्षाकृत सस्ता भी होता है। होम्योपैथी शरीर के किसी हिस्से का उपचार करने के बजाय पूरी शरीर का उपचार करता है। यही वजह है कि किसी बीमारी का उपचार करने के दौरान किसी दूसरे अंग या शरीर के अन्य हिस्सों पर दवाओं दुष्प्रभाव नहीं होता।




