Sonbhadra News : एनटीपीसी रिहंद में बालिका सशक्तीकरण अभियान "सपनों की उड़ान" का भव्य समापन
एनटीपीसी रिहंद आवासीय परिसर के तरंग प्रेक्षागृह में एनटीपीसी लिमिटेड के फ्लैगशिप कार्यक्रम बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026 "सपनों की उड़ान" का भव्य समापन मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।

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9:33 PM, June 17, 2026
विजय कुमार पटेल (संवाददाता)
बीजपुर (सोनभद्र)। एनटीपीसी रिहंद आवासीय परिसर के तरंग प्रेक्षागृह में एनटीपीसी लिमिटेड के फ्लैगशिप कार्यक्रम बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026 "सपनों की उड़ान" का भव्य समापन मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस चार सप्ताह की आवासीय कार्यशाला के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संजय असाटी, कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख (रिहंद) उपस्थित रहे।
समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में विंध्याचल परियोजना प्रमुख श्री किशोर कुमार होता, सिंगरौली परियोजना प्रमुख ई पी राव, वर्तिका महिला मण्डल की अध्यक्षा नीलू असाटी, वनिता समाज की अध्यक्षा प्रज्ञा नायक, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) प्रणय कुमार नायक, सीआईएसएफ़ के डेप्युटी कमांडेंट प्रकाश, मानव संसाधन प्रमुख राजेश बोयपाई एवं मुख्य चिकित्साधिकारी सी एस पीटर्स उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षगण, यूनियन एवं असोसियेशन के पदाधिकारीगण, ग्राम प्रधान, बच्चों के अभिभावकगण सहित भारी संख्या में कर्मचारी कार्यक्रम का साक्षी बनने पहुंचे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा एनटीपीसी गीत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि और वर्तिका महिला मण्डल की अध्यक्षा का पुष्प गुच्छ देकर आत्मीय स्वागत किया गया। मानव संसाधन प्रमुख राजेश बोयपाई ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने उद्बोधन में बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026 के दौरान आयोजित की गईं विभिन्न रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
समापन समारोह के अवसर पर प्रतिभागी बालिकाओं ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज गणेश वंदना पर आधारित एक सुंदर नृत्य नाटिका से हुआ। इसके बाद बालिकाओं ने योग कौशल का प्रदर्शन किया और 'माँ' तथा 'सपनों की उड़ान' थीम पर आधारित विचारोत्तेजक स्किट, देशभक्ति व प्रेरक नृत्यों और गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बालिकाओं के आत्मविश्वास की भूरी-भूरी सराहना की।




