Sonbhadra News : लाखों के अवैध खनिज परिवहन का खेल बेनकाब, 5 गिरफ्तार, तीन फरार
जनपद में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए ई-फॉर्म सी/एमएम-11 (खनिज परिवहन परमिट) तैयार कर अवैध खनिज परिवहन कराने..

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अवैध खनिज परिवहन के आरोपियों को पेश करते एसपी अभिषेक वर्मा......
sonbhadra
5:15 PM, July 1, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• पुराने ई-फॉर्म में छेड़छाड़ कर तैयार किए जा रहे थे फर्जी सी/एमएम-11 परमिट
• लैपटॉप, प्रिंटर और सैकड़ों सिक्योरिटी पेपर बरामद
सोनभद्र । जनपद में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए ई-फॉर्म सी/एमएम-11 (खनिज परिवहन परमिट) तैयार कर अवैध खनिज परिवहन कराने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर फर्जी परमिट तैयार करने में प्रयुक्त लैपटॉप, प्रिंटर, सिक्योरिटी पेपर और बड़ी संख्या में प्रयुक्त ई-फॉर्म बरामद किए हैं। मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का पूरा राज -
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि "मामले की विवेचना के दौरान वाहन चालक दिलीप प्रजापति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि अश्वनी कुमार पटेल, हिमांशु पाण्डेय, मोहन उर्फ अजय कुमार तथा बिल्ली मारकुंडी स्थित "एक इंटरप्राइजेज" के संचालक सुरेश कुमार पाठक और उनके कर्मचारी मिलकर पुराने प्रयुक्त ई-फॉर्म सी/एमएम-11 में वाहन संख्या, दिनांक, समय और अन्य विवरण बदलकर फर्जी परमिट तैयार करते थे। इन्हीं परमिटों के सहारे खदानों से गिट्टी लोड कराकर अवैध परिवहन कराया जाता था।"
छापेमारी में मिला फर्जी परमिट बनाने का पूरा सेटअप -
एसपी ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर बिल्ली मारकुंडी स्थित एक इंटरप्राइजेज के कार्यालय पर छापा मारा गया। यहां से अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी, रितेश कुमार जायसवाल, संतोष कुमार जायसवाल एवं मोहन उर्फ अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया। मौके से पुलिस ने फर्जी परमिट तैयार करने में प्रयुक्त डेल कंपनी का लैपटॉप, एचपी लेजर प्रिंटर, 748 अप्रयुक्त सिक्योरिटी पेपर, लगभग 1000 प्रयुक्त ई-फॉर्म सी/एमएम-11 तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद किए।
लाइसेंस खत्म होने के बाद भी चलता रहा खेल -
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि एक इंटरप्राइजेज का लाइसेंस 8 जून 2026 को समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद उसी के नाम पर जारी सिक्योरिटी पेपर और पुराने परमिटों का दुरुपयोग कर फर्जी ई-फॉर्म तैयार किए जाते रहे और अवैध खनिज परिवहन कराया जाता रहा।
5 गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी -
पुलिस ने इस मामले में दिलीप प्रजापति, अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी, रितेश कुमार जायसवाल, संतोष कुमार जायसवाल तथा मोहन उर्फ अजय कुमार को गिरफ्तार किया है। वहीं अश्वनी कुमार पटेल, हिमांशु पाण्डेय और सुरेश कुमार पाठक अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
बोले एसपी, किसी भी कीमत पर नहीं बख्शे जाएंगे खनन माफिया -
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि "अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति, गिरोह या संरक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासन को राजस्व की क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। जिले में अवैध खनन और अवैध परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।"
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा -
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), खान एवं खनिज अधिनियम तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय भेज दिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना रॉबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा, खनन निरीक्षक अतुल दूबे एवं एसओजी प्रभारी नागेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।




