Sonbhadra News : सोनभद्र में लाखों खर्च कर बनाया गया अंत्येष्टि स्थल, मगर अब बन गया पशुओं व नशेड़ियों का केंद्र
सीएम योगी का प्रयास है कि न सिर्फ सरकारी योजना का लाभ अंतिम पायदान में बैठे लोगों तक पहुंचे । बल्कि हर गरीब को वह सब सुविधा मिले जिसके लिए उसे भटकना पड़ता है ।

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6:47 PM, August 11, 2024
शान्तनु कुमार/मनोज कुमार/राहुल सिंह
सीएम योगी का प्रयास है कि न सिर्फ सरकारी योजना का लाभ अंतिम पायदान में बैठे लोगों तक पहुंचे । बल्कि हर गरीब को वह सब सुविधा मिले जिसके लिए उसे भटकना पड़ता है ।
इसी सोच को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने गांव में अंत्येष्टि स्थल बनाने का निर्णय लिया । इसके लिए सीएम ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में अंत्येष्टि स्थल बनवाया जाय । ताकि गांव में रहने वाले गरीब लोगों पर दु:ख की घड़ी में आर्थिक बोझ न पड़े । सीएम योगी ने अंत्येष्टि स्थल बनवाने के साथ अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि । अंत्येष्टि में लगने वाले लकड़ी को कम करके उसकी जगह गाय के गोबर से बने उपलों का प्रयोग किया जाए। औऱ इससे होने वाली आय का उपयोग गौशालाओं के प्रबंधन में किया जाए। ताकि पर्यावरण की शुद्धता के साथ गौशाला का भी रख रखाव बेहतर हो सके । लेकिन योगी सरकार में बैठे अधिकारी व कर्मचारी धरातल पर योजना का क्या हस्र करते हैं । आज इसकी एक बानगी हम आपको दिखाने वाले हैं ।
सोनभद्र की बात करें तो यहां कई गांव में अंत्येष्टि स्थल बना तो दिया गया लेकिन आज तक उपयोग में नहीं लाया जा सका । सलखन के अंत्येष्टि स्थल का उद्घाटन तो मंत्री संजीव गोंड़ ने किया था । लेकिन उसके बाद किसी ने सुधि नहीं ली। जिसका नतीजा यह रहा कि अंत्येष्टि स्थल नशेड़ियों व पशुओं का केंद्र बन गया है । साथ ही मिट्टी कटान से अंत्येष्टि स्थल पर गिरने का डर हमेशा से मंडरा रहा है । प्रधान प्रतिनिधि अरविंद ने बताया कि यदि सेफ्टी दीवार नहीं बनी तो अंत्येष्टि स्थल गिर सकता है ।
इतना ही नहीं कर्मा ब्लाक के धरौहरा में बना अंत्येष्टि स्थल को लेकर प्रधान का कहना है कि जगह का चयन ही गलत हुआ है । जिसका नतीजा यह है कि यहां एक भी शव दाह नहीं हुआ । प्रधान रामानंद मौर्य ने यह भी बताया कि बनने के बाद से आज तक अधिकारी कभी देखने तक नहीं आये ।
वहीं ओरगाई गांव में बना अंत्येष्टि स्थल पर तो जाने तक का रास्ता भी नहीं है । गांव के प्रधान ने बताया कि सड़क के लिए कोई बजट नहीं है ।जबकि अंत्येष्टि स्थल पर लगा गेट व समरसेबल चोरी हो गया । प्रधान में बताया कि अधिकारी आज तक निरीक्षण करने नहीं आये । उन्होंने बताया कि श्मशान रोड ही नहीं अन्य सड़क की दशा भी काफी खराब है ।
बहरहाल गांव में अंत्येष्टि स्थल बनवाने के पीछे योगी सरकार की सोच काफी व्यापक थी । लेकिन उनकी सोच को न अधिकारी - कर्मचारी समझ सके और न ही जनप्रतिनिधि । जिसका नतीजा यह है कि जिले में बना अंत्येष्टि स्थल खुद लावारिश शव की तरह पड़ा हुआ है। जिसका कोई सुधि लेने वाला नहीं ।




