Sonbhadra News : तेंदुआ सफारी और कृषि वानिकी विश्वविद्यालय की मांग को लेकर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने किया प्रदर्शन
विश्व पर्यावरण दिवस पर जहां सरकारी विभाग पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के दावे कर रहे थे, वहीं किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर सरकार की पर्यावरण नीति पर ही सवाल खड़े.....

पर्यावरण बचाने का संकल्प लेते किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारीगण....
sonbhadra
2:35 PM, June 5, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• पर्यावरण दिवस पर हर घर पेड़ लगाने का लिया संकल्प
सोनभद्र । विश्व पर्यावरण दिवस पर जहां सरकारी विभाग पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के दावे कर रहे थे, वहीं किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर सरकार की पर्यावरण नीति पर ही सवाल खड़े कर दिए। सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में आम के पौधे लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार पर्यावरण बचाने के नाम पर अभियान चला रही है, जबकि दूसरी तरफ सोनभद्र के जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को कॉरपोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है।
तेंदुआ सफारी की स्थापना से वन्य जीव संरक्षण के साथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा -
मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि "देश को बिजली, कोयला और खनिज संपदा देने वाला सोनभद्र आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर है। यहां की धरती से अरबों रुपये का खनिज निकाला जाता है, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार, किसानों को सुविधाएं और आदिवासियों को उनके अधिकार तक नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि खनन निधि की राशि का उपयोग जिले के दीर्घकालिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि सोनभद्र का विशाल वन क्षेत्र और जैव विविधता पूरे प्रदेश की धरोहर है। यदि खनन निधि से तेंदुआ सफारी की स्थापना की जाए तो न केवल वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके साथ ही कृषि वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना से किसानों को आधुनिक तकनीक, जल संरक्षण और बागवानी के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।"
पेड़ लगाने का अभियान लेकिन जंगल बचाने पर चुप्पी क्यों?
संदीप मिश्र ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" जैसे अभियान केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं होने चाहिए। असली पर्यावरण संरक्षण तब होगा जब जंगलों की कटाई रुकेगी और प्राकृतिक संसाधनों की लूट पर लगाम लगेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के वन क्षेत्रों में निजी कंपनियों को गतिविधियों की अनुमति देकर सरकार पर्यावरण संरक्षण के अपने दावों को खुद कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि जंगल केवल लकड़ी या जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि आदिवासियों, किसानों और नौजवानों की आजीविका और अस्तित्व का आधार हैं। उन्होंने अडानी समूह का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि निजी कंपनियों को वन क्षेत्रों में गतिविधियों की अनुमति देना जंगलों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। सोनभद्र का जंगल सिर्फ पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि यहां के आदिवासियों, किसानों और नौजवानों की जीवनरेखा है। जंगल बचाने की लड़ाई किसी भी कीमत पर लड़ी जाएगी और लोकतांत्रिक तरीके से हर उस प्रयास का विरोध होगा जो प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाएगा।"
जंगल बचाने के लिए हर संघर्ष को तैयार -
मोर्चा संयोजक ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सोनभद्र के जंगलों को नुकसान पहुंचाने की कोई कोशिश हुई तो किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक हर मंच पर संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि जंगल बचाना केवल पर्यावरण का नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।
ये रहे मौजूद -
इस दौरान बिंदू खरवार, मुखलाल चेरो, आकाश चौहान, दिनेश चेरो, राजेश पनिका, संजय बियार, धीरज कनौजिया, अमन पासवान, शंभू हरिजन, नगेंद्र धागर, विकास पटेल, राजू मौर्य, दिनेश यादव, प्रमोद तिर्की, राजू पासवान, शोभावती बिंद, पिंकी बियार और बासमती चेरो समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।।




