Sonbhadra News : भूमि अधिग्रहण मामले में किसान महापंचायत का आयोजन, जिले से लेकर सदन व अदालत तक लड़ाई लड़ने का लिया संकल्प
किसानों की जमीन अधिग्रहण कर निजी कंपनियों को दिये जाने की खबर के बाद किसानों की चिंताएं बढ़ गयी है और वे लगातार बैठक व ज्ञापन के माध्यम से विरोध कर रहे हैं।

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5:20 PM, March 29, 2026
जयनाथ मौर्या (संवाददाता)
मधुपुर (सोनभद्र) । किसानों की जमीन अधिग्रहण कर निजी कंपनियों को दिये जाने की खबर के बाद किसानों की चिंताएं बढ़ गयी है और वे लगातार बैठक व ज्ञापन के माध्यम से विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को लोहरा, तकिया एवं बट गांव के किसानों द्वारा रविवार को लोहरा गांव के गुलरहवां बस्ती में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में कथित रूप से किसानों द्वारा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन, समाज सेवी संस्थाओं के साथ क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों एवं सभी राजनैतिक दलों के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन के अलावा जिले से लेकर विधानसभा तक और जरूरत पड़ी तो अदालतों तक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया। किसानों का कहना है कि लड़ कर मरना कबूल है लेकिन जमीन किसी पूंजीपतियों के हांथ नहीं सौंपेगें । किसानों ने सीधी चेतावनी देते हुये कहा कि सरकार और जिले में बैठे लोक सेवक के नाम पर सरकारी नुमाइंदों से किसानों को बिना किसी सहमति एवं जानकारी के अधिग्रहण के फैसले को पलट कर ही दम लेंगें । किसानों का कहना है कि जमीन बचाने के लिये वे अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं । एक सप्ताह पूर्व अधिग्रहण की मौखिक जानकारी के बाद से ही किसानों में बेचैनी शुरू हो गयी थी । बीते सप्ताह बैठक में सर्वदलीय समिति के गठन के बाद किसानों द्वारा उप जिलाधिकारी एवं जिलाधिकारी को पत्रक दे कर अधिग्रहण न करने की गुहार लगायी गयी। किसानों को कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने पर आशंकित हो कर आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गये। इसी क्रम में रविवार को भारतीय किसान यूनियन के चंदौली, मीरजापुर, एवं सोनभद्र के पदाधिकारियों के साथ व्यापक चर्चा कर सरकार एवं प्रशासन के संरक्षण में नियम कानून को धत्ता बताते हुये किसानों की जमीन कब्जाने का प्रयास करती हुई निजी कम्पनियो को भी चेताया, जो गुप्त रूप से सर्वे आदि भी करा कर फैसला खुद कर ले रहीं हैं। कहा सत्ता पक्ष से जुड़े जन प्रतिनिधियों से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है वे अपना टिकट बचाएं, सांसद को विपक्ष बता कर अनसुना कर दिया जायेगा। इसलिए किसान यह लड़ाई गैर राजनैतिक ढंग से ही लड़ेगी। महापंचायत में बिरजू कुशवाहा, अजित भारती, पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेश मौर्य, बलदाऊ यादव, बजरंगी कुशवाहा, कमलेश सिंह मौर्य, संजय यादव, धर्मदेव उपाध्याय, रामकेश पनिका, मनोज कुशवाहा, अशोक कुमार सिंह, दयालु प्रसाद, रामराज सिंह, मोहन कुशवाहा, दया शंकर सिंह, शत्रुघ्न मौर्य, रविशंकर, चन्द्र प्रकाश एडवोकेट, कमलेश कुमार एडवोकेट, सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे।



