Sonbhadra News : पथरीले रास्ते, चिलचिलाती धूप भी नहीं डिगा पा रही आस्था, बोले शिवभक्त- महादेव की भक्ति के आगे हर परेशानी बौनी
सावन के तीसरे सोमवार को लेकर शिवभक्तों की आस्था चरम पर है। घोरावल स्थित ऐतिहासिक शिवद्वार मंदिर में देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक करने के लिए विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर तालाब से जल भरकर कांवड़ियों...

शिवद्वार जाता कावरियों का जत्था.......
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6:23 PM, August 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सावन के तीसरे सोमवार को लेकर शिवभक्तों की आस्था चरम पर है। घोरावल स्थित ऐतिहासिक शिवद्वार मंदिर में देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक करने के लिए विजयगढ़ दुर्ग स्थित रामसरोवर तालाब से जल भरकर कांवड़ियों के जत्थे लगातार शिवद्वार की ओर बढ़ रहे हैं। कंधों पर कांवड़ और जुबां पर ‘बोल बम... हर-हर महादेव’ का उद्घोष, यह नजारा जिला मुख्यालय की सड़कों को पूरी तरह शिवमय कर रहा है।
रामसरोवर से जल लेकर कांवड़िये पथरीले और दुर्गम रास्तों से होते हुए 60 किलोमीटर से अधिक की दूरी पैदल तय कर सोमवार को शिवद्वार धाम पहुंचते हैं। यहां पहुंचकर वे बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। आस्था की यह कठिन यात्रा कई श्रद्धालुओं के लिए तपस्या से कम नहीं है।
रॉबर्ट्सगंज की सड़कों पर गूंज रहा ‘बोल बम’ -
रॉबर्ट्सगंज से गुजरते कांवड़ियों के जत्थे इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। जैसे ही कांवड़ियों का समूह शहर की सड़कों से गुजरता है, वातावरण ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठता है। कंधों पर सजी कांवड़ और चेहरे पर थकान के बावजूद दिखता उत्साह महादेव के प्रति उनकी अटूट आस्था की कहानी बयां कर रहा है। कई जत्थों में महिलाएं भी बढ़-चढ़कर शामिल हैं। कोई नंगे पैर चल रहा है तो कोई तपती सड़क पर कांवड़ संभालते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है।
पथरीली राह और चिलचिलाती धूप ले रही परीक्षा -
सावन के बावजूद इस बार बारिश का पर्याप्त साथ नहीं मिलने से कांवड़ियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सूखा सावन, तपती धूप और पथरीली डगर श्रद्धालुओं के धैर्य की परीक्षा ले रही है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कई किलोमीटर पैदल चलने से पैरों में छाले पड़ रहे हैं, लेकिन महादेव की भक्ति के आगे यह तकलीफ भी छोटी नजर आ रही है।
वहीं कांवड़ियों का कहना है कि यात्रा कठिन जरूर है, लेकिन महादेव के प्रति आस्था इससे कहीं अधिक मजबूत है।
महादेव का नाम ही देता है हिम्मत -
कांवड़ यात्रा में शामिल एक श्रद्धालु ने कहा कि "रास्ता कितना भी कठिन हो, धूप कितनी भी तेज हो, महादेव का नाम लेते ही हिम्मत मिलती है। रामसरोवर से जल लेकर शिवद्वार तक पहुंचना हमारे लिए सौभाग्य है। पैरों में दर्द और थकान जरूर है, लेकिन बाबा का जलाभिषेक करने की खुशी उसके सामने कुछ भी नहीं।"
एक महिला कांवड़िया ने कहा कि “महादेव के प्रति आस्था ही हमें इतनी लंबी दूरी तय करने की शक्ति देती है। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ का जयकारा लगाते हुए कब रास्ता गुजर जाता है, पता ही नहीं चलता। हमारा संकल्प है कि शिवद्वार पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक जरूर करेंगे।"
सोमवार को शिवद्वार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब -
सावन के तीसरे सोमवार को शिवद्वार मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। कांवड़ियों के जत्थे लगातार शिवद्वार की ओर बढ़ रहे हैं। सोमवार को बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है।
मात्र धर्मिक परम्परा नहीं है कांवड़ यात्रा -
वहीं कांवड़ियों के लिए यह यात्रा महज धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या और संकल्प की परीक्षा है। मौसम की बेरुखी और कठिन रास्तों के बावजूद उनके कदम थम नहीं रहे हैं। जहां तपती धूप शरीर को झुलसा रही है, वहीं पथरीली राह कदम रोक रही है, लेकिन कांवड़ियों की जुबां पर गूंजता ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ हर मुश्किल पर भारी पड़ रहा है।




