Sonbhadra News : पिपरी जल विद्युत कॉलोनी में बेदखली की कार्रवाई तेज, नोटिस मिलते ही मचा हड़कंप
पिपरी स्थित उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कॉलोनी में वर्षों से रह रहे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने बेदखली की कार्रवाई तेज कर दी है।

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11:32 PM, July 6, 2026
मनोज बर्मा (संवाददाता)
रेणुकूट (सोनभद्र) । पिपरी स्थित उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कॉलोनी में वर्षों से रह रहे लोगों के खिलाफ प्रशासन ने बेदखली की कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई लोगों को मकान खाली करने का नोटिस सौंपा गया। नोटिस मिलने के बाद कॉलोनी सहित पूरे नगर में हड़कंप की स्थिति है और अन्य परिवारों में भी अपने घर खाली करने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के सिविल विभाग के अधिशासी अभियंता अविनाश सिंह ने बताया कि पिपरी नगर में रह रहे लगभग 250 लोग पीपी एक्ट से संबंधित मुकदमा हार चुके हैं। इनके विरुद्ध उप जिलाधिकारी न्यायालय से बेदखली का आदेश जारी हो चुका है। उन्होंने बताया कि संबंधित लोगों को पूर्व में भी कई बार नोटिस दी जा चुकी है। उसी क्रम में सोमवार को दुद्धी के तहसीलदार अंजनी गुप्ता तथा नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार फ़ोर्स की उपस्थिति में 10 लोगों को अंतिम नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कॉलोनी के निवासियों में बेचैनी बढ़ गई है। नोटिस पाने वाले कुछ लोगों ने बताया कि वे दो-तीन दिनों के भीतर ही मकान खाली करने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि अन्य परिवारों को भी जल्द नोटिस मिलने की आशंका सता रही है। इससे पूरे नगर में दहशत और असमंजस का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि पिपरी नगर में भूमि स्वामित्व को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा है। इस क्षेत्र की जमीन पर वन विभाग, रिहंद बांध से जुड़े सिंचाई विभाग तथा उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड अलग-अलग स्तर पर अपना-अपना दावा करते रहे हैं। इसी विवादित भूमि पर वर्षों से हजारों लोग मकान बनाकर रह रहे हैं। अब न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन द्वारा शुरू की गई बेदखली की कार्रवाई ने एक बार फिर इस पुराने भूमि विवाद को चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से निवास करने के बावजूद अब अचानक बेदखली की कार्रवाई से उनके सामने आवास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पालन कराना उसकी जिम्मेदारी है और आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन द्वारा नोटिस वितरण शुरू होने के बाद पूरे पिपरी नगर में भविष्य को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।




