Sonbhadra News : कभी 'योद्धा' का मिला था दर्जा, अब नौकरी में समायोजन के लिए दर-दर भटक रहे कोविड कर्मचारी
कोविड-19 के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए कर्मचारियों ने बुधवार को शासन की तरफ से 31 जुलाई के बाद से सेवा समाप्ति के आदेश के विरोध में सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

सोनभद्र
9:33 PM, August 7, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
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सोनभद्र । कोविड-19 के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए कर्मचारियों ने बुधवार को शासन की तरफ से 31 जुलाई के बाद से सेवा समाप्ति के आदेश के विरोध में सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कोविड कर्मचारियों ने उन्हें शासन के निर्देशानुसार एनएचएम में समायोजन की मांग की।
लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, डॉक्टर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टॉफ नर्स, ऑक्सीजन प्लांट टेक्नीशियन, NMм, वार्ड ब्वाय और स्वीपर जैसे पदों पर कार्यरत कर्मचारी सड़कों पर उतरे। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सेवा दी, लेकिन 31 जुलाई को उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्वास्थ्य मंत्री और प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने मौखिक रूप से आदेश दिया था कि सभी कोविड कर्मचारियों को NHM में समायोजित किया जाएगा, लेकिन यह आदेश अब तक लागू नहीं हुआ।
कर्मचारियों ने कहा कि कोविड काल के दौरान आउटसोर्सिंग के माध्यम से एनएमएस, स्टाफ नर्स, कम्प्यूटर आपरेटर, एलटी, वार्ड आईसीयू टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय, स्वीपर की नियुक्ति 2020 में अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत की गयी थी। जिसमें सभी कर्मचारियों ने विकट परिस्थितियों में कोविड संक्रमित मरीजों की देखभाल, उपचार अपने जान की परवाह किये बगैर न्यूनतम मानदेय पर सरकार का सहयोग जनसेवा भाव एवं पूर्ण ईमानदारी एवं निष्ठा से कार्य करते आ रहे हैं। कोविड के पश्चात सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को कोविड स्वास्थ्य कर्मचारी सक्रिय रूप से कार्य करते आ रहे हैं साथ ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़ अन्य कार्यों का निष्पादन भी हम सभी की तरफ से किया जाता है। अपने कार्य में पूर्णतया दक्ष हो गये हैं लेकिन शासन के आदेश के बाद 31 जुलाई के बाद सेवा समाप्ति का आदेश प्राप्त हो चुका है। जिले स्तर से जिलाधिकारी व सीएमओ स्तर से समायोजन किये जाने के लिए आदेशित है, लेकिन यहां से सभी हम सभी को सेवा समाप्ति का पत्र संबंधित ठेकेदार को भेज दिया गया है। जिसके बाद से हम सभी के सामने बेरोजगारी की विकट समस्या आ गयी है। कर्मचारियों ने मांग किया कि हम सभी के भविष्य को संरक्षित करते हुए विभागीय समायोजन (एनएचएम) में किया जाए।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष विकास गोस्वामी, रोहित कुमार वर्मा, पूजा गुप्ता, सुनीता, फरमान खान, सुशीला, राजेश, सीता, मीरा, तारा, माया आदि रहे।




