Sonbhadra News : 12 दिन बाद भी ओबरा मंदिर से चोरी का नहीं हुआ खुलासा, लोगों ने पूछा- आखिर कब होगी जिम्मेदारी तय
ओबरा में लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चौकस बनाने के लिए थाने के साथ चौकी की सौगात दी गई लेकिन क्राइम का ग्राफ घटने के बजाय बढ़ गया ।

फाइल फोटो
sonbhadra
10:17 AM, November 5, 2026
शान्तनु विश्वास
सोनभद्र । ओबरा शारदा मंदिर से चोरी की घटना के 12 दिन बीत गए मगर अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं । आम नागरिकों के सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर अब आम नागरिक रात चैन की नींद भी नहीं सो पा रही ।
ओबरा में चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी है जिसका आज तक पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है। लेकिन मंदिर से चोरी की घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया । लोगों को अब लगने लगा कि पुलिस गश्त के भरोसे अब चैन की नींद नहीं सोया जा सकता है। ओबरा में लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चौकस बनाने के लिए थाने के साथ चौकी की सौगात दी गई लेकिन क्राइम का ग्राफ घटने के बजाय बढ़ गया । लोगों का मानना है कि दशकों पहले एक प्राइवेट चौकीदार के भरोसे लोग चैन की नींद सोते थे मगर अब भारी भरकम फोर्स के बाद भी कुछ भी सुरक्षित नहीं।
यही हाल चोपन में भी देखने को मिला, जिस दिन चौकी खुली, उसी रात चोरों ने मंदिर को अपना निशाना बना दिया। लगातार पुलिस की हो रही किरकिरी को देखते हुए लोगों का कहना है कि सरकार सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा रही है लेकिन सुरक्षा के नाम पर लोग लुट जा रहे । इससे बड़ा कारण क्या हो सकता है कि अब तो भगवान भी सुरक्षित नहीं रह गए । लोगों का मानना है कि पहले घटना पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होती थी लेकिन अब कितनी भी घटनाएं घट जाय कोई कार्यवाही नहीं होती, शायद यह भी एक बड़ा कारण है कानून व्यवस्था के खराब होने के पीछे।
बहरहाल बात सिर्फ ओबरा और चोपन की नहीं बल्कि करमा और मधुपुर में भी मंदिरों में हुई चोरी का खुलासा आज तक नहीं हो सका है ।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जिनके भरोसे अधिकारी बेहतर कानून व्यवस्था का दावा कर रहे हैं क्या वे इस दावे पर खरा उतर पाएंगे।




