सोनभद्र । इन दिनों जहां एक तरफ गर्मी अपना कहर बरपा रही है वहीं बिजली विभाग भी लोगों का जीना मुश्किल किया है। क्या दिन और क्या रात, अघोषित बिजली कटौती लोगों का सुख-चैन सब छीन रखा है । दिन हो या फिर रात, थोड़ी-थोड़ी देर में बिजली की कटौती ने लोगों को रात में बाहर टहलने पर मजबूर कर दिया । आपको बतादें कि इस समय न्यूनतम तापमान लगभग 43 डिग्री चल रहा है। ऐसे में पंखा तो छोड़िए कूलर तक काम नहीं कर रहा । भीषण गर्मी में बेहताशा बिजली कटौती ने सरकारी दावे को भी झुठला दिया है, जो मुख्यालय पर 24 घण्टे बिजली देने का वादा किया था । ऐसे में आप समझ सकते हैं कि जिला मुख्यालय पर जब यह हाल है तो दुरस्त क्षेत्रों में क्या हाल होता होगा । मजे की बात यह है कि अघोषित बिजली कटौती को लेकर कोई जनप्रतिनिधि इसका विरोध भी नहीं कर रहा है । सभी अपने घरों में जनरेटर और इनवर्टर में चैन की नींद ले रहे हैं। हालांकि आम लोग दिन-रात अघोषित बिजली कटौती से न सिर्फ बिजली विभाग के अधिकारियों से बल्कि जनप्रतिनिधियों से भी खासा नाराज हैं । लोगों का कहना है कि बिजली विभाग में बैठे अधिकारी को आम लोगों से कोई मतलब नहीं, उन्हें तो सिर्फ समय पर बिजली बिल से मतलब है । लोगों का कहना है कि रात में जिस तरह से पूरी रात बिजली आती रही और जाती रही, उससे लोग सो नहीं पाए, और जब लोग रात में चैन से सो नहीं पाएंगे तो सुबह क्या काम कर पाएंगे । लोगों का आरोप है कि अब तो फोन करने पर कोई भी जिम्मेदार फोन तक नहीं उठाते, क्योंकि वे इन्वर्टर में सो रहे होते हैं।