Sonbhadra News : विद्युत विभाग का कारनामा, पहले काटा काशीराम आवास की बिजली, फिर थमा दिया लाखों का बिल
यदि आप बिजली विभाग के उपभोक्ता हैं और आपका बिल समय पर नहीं आ रहा है तो आप हो जाएं सावधान ! क्योंकि कभी भी आपको बिजली विभाग से 440 बोल्ट का झटका लग सकता है ।

बिजली कटने के बाद जुटी भीड़
sonbhadra
10:51 PM, January 10, 2025
शान्तनु कुमार/आनंद चौबे
० बिजली विभाग के अधिकारियों ने कर दिया खेला
० पहले काटी बिजली, फिर OTS के तहत काट दिया रसीद
सोनभद्र । यदि आप बिजली विभाग के उपभोक्ता हैं और आपका बिल समय पर नहीं आ रहा है तो आप हो जाएं सावधान ! क्योंकि कभी भी आपको बिजली विभाग से 440 बोल्ट का झटका लग सकता है ।
यही बिजली का झटका इन दिनों रावर्ट्सगंज काशीराम आवास में रहने वाले लोगों को लगा है । हाल ही में अचानक पूरे काशीराम आवास में रहने वाले लोगों की बिजली काट दी गयी । पहले तो लोग समझ नहीं पाए लेकिन जब वे लोग बिजली विभाग पहुंचे तो उन्हें भारी-भरकम बिल थमा दिया गया। जब लोगों ने अपना-अपना बिल देखा तो उनके होश उड़ गए। किसी का 2 लाख का तो किसी का 80 हजार का तो किसी का एक लाख का बिल था। यानी किसी भी उपभोक्ता का 70 हजार से कम बिजली बिल नहीं था । काशीराम आवास में रहने वाले लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर इतना भारी-भरकम बिजली का बिल कैसे भरा जाएगा । लोगों ने अधिकारियों के सामने गिड़गड़ाये और अपना दुखड़ा रोया लेकिन विभागीय अधिकारियों ने एक नहीं सुना । कई दिन अंधेरे में रहने के बाद लोगों जुगाड़ से कुछ पैसे देकर लाइन तो जुड़वा लिया लेकिन उनकी चिंताएं अभी खत्म नहीं हुई । काशीराम आवास में रहने वाले लोगों का कहना है कि वे गरीब हैं किसी प्रकार सरकारी राशन लेकर अपना पेट पाल रहे हैं आखिर इतना पैसा कहां से लाएं। उन्होंने बताया कि जब काशीराम आवास आबंटित हुआ था तब बिजली का 90 रुपये ही जमा होता था लेकिन अब भारी भरकम बिल थमा कर जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
आरती, जुलेखा, सीता देवी, सीजा देवी ने बताया कि विभाग की तरफ से न कभी कोई रीडिंग लेने आता है और न कोई महीने-महीने बिल देने ही आता है ।
कुल मिलाकर बिजली विभाग का यह कोई पहला मामला नहीं है जब उपभोक्ता को इकट्ठा बिजली का बिल भेज दिया गया। और जब उपभोक्ता बिजली बिल ज्यादा होने या फिर समय पर बिल न भेजने का कारण पूछता है तो अधिकारी उल्टे उपभोक्ता पर ही दबाव बनाने लगता है और लाइन काट देता है ।




