Sonbhadra News : जीआरपी की लापरवाही से रातभर म्योरपुर स्टेशन पर भटकती रहीं दो नाबालिग बहनें, गलत ट्रेन पकड़ पहुंचीं रॉबर्ट्सगंज
किशोरों में बढ़ती चिड़चिड़ाहट और आवेश में घर छोड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार तंत्र की लापरवाही मासूम बच्चों की.....

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11:52 AM, July 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• मां की डांट से नाराज होकर घर छोड़कर निकली थीं किशोरियाँ
• मीडिया की सूचना के बाद पहुंची बाल संरक्षण की टीम ने किशोरियों को अपने संरक्षण में लिया
सोनभद्र । किशोरों में बढ़ती चिड़चिड़ाहट और आवेश में घर छोड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार तंत्र की लापरवाही मासूम बच्चों की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है। दुद्धी क्षेत्र से घर छोड़कर निकली दो नाबालिग सगी बहनें म्योरपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी को अपनी पूरी आपबीती बताने के बावजूद पूरी रात स्टेशन पर असुरक्षित हालत में पड़ी रहीं। इतना ही नहीं, अगली सुबह गलत ट्रेन में बैठकर दोनों रॉबर्ट्सगंज पहुंच गईं। इस पूरे घटनाक्रम ने जीआरपी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, दुद्धी रेलवे स्टेशन के निकट सेक्टर नंबर-2 पावर हाउस स्थित काशीराम आवास निवासी महेंद्र की पुत्रियां सीता (17 वर्ष), कक्षा 10 की छात्रा, तथा मीना (16 वर्ष), कक्षा 6 की छात्रा, मां की डांट से नाराज होकर घर से निकल गईं। दोनों बहनें रात करीब नौ बजे म्योरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहां उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद जीआरपी कर्मी को स्पष्ट रूप से बताया कि वे घर से नाराज होकर भागकर आई हैं।
परिजनों से संपर्क कराने, बाल कल्याण समिति अथवा बाल संरक्षण इकाई को सूचना देने और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें रातभर रेलवे स्टेशन पर ही छोड़ दिया गया। नतीजा यह हुआ कि सुबह करीब पांच बजे दोनों बच्चियों ने यह समझकर ट्रेन पकड़ ली कि वह दुद्धी जाएगी, लेकिन ट्रेन गलत दिशा में होने के कारण वे रॉबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। रॉबर्ट्सगंज स्टेशन से दोनों बहनें पैदल बढ़ौली चौराहे तक पहुंचीं। वहां एक राहगीर के मोबाइल से उन्होंने अपने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया।
वहीं मीडियाकर्मियों द्वारा मामले की जानकारी मिलते ही बाल संरक्षण इकाई की टीम मौके पर पहुंची और दोनों बच्चियों को तत्काल अपने संरक्षण में लिया। टीम ने आवश्यक पूछताछ के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है तथा परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई।
बड़ी बहन सीता ने बताया कि उसके पिता राजगीर मिस्त्री का कार्य करते हैं। मां की डांट से आहत होकर उसने घर छोड़ने का फैसला किया और छोटी बहन को भी साथ लेकर निकल गई।




