Sonbhadra News : भ्रष्टाचार पर डीएम की सर्जिकल स्ट्राइक, बीएमएम-बीके हटे, चकबंदी लेखपाल भी नपे
प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारने के लिए सोनभद्र में नवागत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। जनसुनवाई में भ्रष्टाचार, धन उगाही और वित्तीय.........

AI जनरेटेड बैनर......
sonbhadra
7:41 PM, May 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारने के लिए सोनभद्र में नवागत जिलाधिकारी चर्चित गौड़ अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। जनसुनवाई में भ्रष्टाचार, धन उगाही और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें सामने आते ही डीएम ने बिना देर किए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। दो माह से लंबित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की शिकायत हो या फिर चकबंदी प्रक्रिया में धन उगाही का मामला, जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
दरअसल शाहगंज क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर आरोप लगाया कि सीएलएफ बुक कीपर पूजा के साथ मिलकर ब्लॉक मिशन प्रबंधक प्रदीप कुमार जायसवाल द्वारा वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियां की जा रही हैं। महिलाओं का कहना था कि मामले की शिकायत लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन करीब दो माह से जांच ठंडे बस्ते में पड़ी हुई थी। यह शिकायत आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से भी दर्ज कराई गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर जिला विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी द्वारा संयुक्त जांच कराई गई। जांच में ब्लॉक मिशन प्रबंधक की कार्यप्रणाली संदिग्ध पाई गई तथा यह भी सामने आया कि वे अपने पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं कर रहे थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त स्वरोजगार द्वारा प्रदीप कुमार जायसवाल को तत्काल प्रभाव से जिला मिशन प्रबंधन इकाई से संबद्ध कर दिया गया। वहीं संबंधित बुक कीपर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। डीएम की इस त्वरित कार्रवाई से विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है।
इसी क्रम में जनसुनवाई के दौरान ग्राम कुसाही, केकराही निवासी शिव कुमार पुत्र बंधु ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के दौरान चक सही स्थान पर बैठाने के नाम पर प्रधान और चकबंदी लेखपाल द्वारा धन की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिना पैसे दिए किसानों का कार्य नहीं किया जा रहा है। शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश के बाद चकबंदी लेखपाल रोहित तिवारी को तत्काल प्रभाव से सहायक चकबंदी अधिकारी रॉबर्ट्सगंज द्वितीय कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि "भ्रष्टाचार, धन उगाही और जनसमस्याओं में लापरवाही करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।"




