Sonbhadra News : डीएम की मॉनिटरिंग का दिखा असर, खसरा फीडिंग में जनपद ने लगाई लंबी छलांग
आगामी जुलाई माह से लागू होने वाली नई मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) के निर्धारण को लेकर सोनभद्र जनपद ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के नेतृत्व, सतत निगरानी......

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8:41 PM, June 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• महज तीन दिन में 45 प्रतिशत कार्य पूरा, प्रदेश में 75वें से सीधे 5वें स्थान पर पहुंचा जनपद
सोनभद्र । आगामी जुलाई माह से लागू होने वाली नई मूल्यांकन सूची (सर्किल रेट) के निर्धारण को लेकर सोनभद्र जनपद ने प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के नेतृत्व, सतत निगरानी और प्रभावी कार्ययोजना के परिणामस्वरूप खसरा संख्याओं की ऑनलाइन फीडिंग में जनपद ने महज तीन दिनों के भीतर लगभग 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर प्रदेशीय रैंकिंग में 75वें स्थान से सीधे 5वें स्थान पर पहुंचकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
नई मूल्यांकन सूची के निर्माण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जनपद की सभी तहसीलों में युद्धस्तर पर कार्य कराया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व विभाग एवं उपनिबंधक कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वित रूप से अभियान को गति प्रदान की, जिसके चलते सोनभद्र ने प्रदेश के शीर्ष पांच जिलों में स्थान बना लिया।
दरअसल, संपत्तियों के वैज्ञानिक, यथार्थ एवं पारदर्शी मूल्यांकन के लिए खसरा संख्याओं की ऑनलाइन फीडिंग को आधार बनाया जा रहा है। इसी आधार पर भूमि की वास्तविक स्थिति, उपयोगिता तथा बाजार मूल्य को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों का आकलन किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक भूमि का विस्तृत विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है।
फीडिंग प्रक्रिया में यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि संबंधित भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग अथवा अन्य किस श्रेणी की सड़क से जुड़ी है। इसके साथ ही भूमि के 50 मीटर के दायरे में मौजूद आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों का भी विवरण संकलित किया जा रहा है। इससे भविष्य में संपत्तियों के बाजार मूल्य का निर्धारण अधिक सटीक, पारदर्शी और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप हो सकेगा।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने कहा कि मूल्यांकन सूची का निर्माण पूरी पारदर्शिता और वस्तुनिष्ठता के साथ किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय परिस्थितियों, भूमि की उपयोगिता और बाजार की वास्तविक स्थिति को आधार बनाया जा रहा है, ताकि आमजन को न्यायसंगत एवं व्यवहारिक व्यवस्था का लाभ मिल सके।
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि खसरा फीडिंग अभियान में मिली यह सफलता न केवल राजस्व विभाग की कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि आगामी सर्किल रेट निर्धारण प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी। जनपद की इस उपलब्धि को शासन स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




