Sonbhadra News : घाघर नदी सेतु निर्माण में सुस्ती पर डीएम का बड़ा एक्शन, ठेकेदार पर 20 लाख की पेनाल्टी
वर्षों से क्षेत्रवासियों की उम्मीदों का केंद्र बने पटवध-बसुहारी मार्ग पर घाघर नदी के ऊपर निर्माणाधीन सेतु की धीमी रफ्तार आखिरकार ठेकेदार पर भारी पड़ गई। लगातार निर्देशों और आश्वासनों के बावजूद......

जिलाधिकारी चर्चित गोंड.....
sonbhadra
8:01 PM, June 24, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । वर्षों से क्षेत्रवासियों की उम्मीदों का केंद्र बने पटवध-बसुहारी मार्ग पर घाघर नदी के ऊपर निर्माणाधीन सेतु की धीमी रफ्तार आखिरकार ठेकेदार पर भारी पड़ गई। लगातार निर्देशों और आश्वासनों के बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्यदायी संस्था और ठेकेदार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही और शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार मेसर्स परीक्षित निर्माणक पर 20 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जब परियोजना की प्रगति रिपोर्ट सामने आई तो जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। बताया गया कि ठेकेदार ने पहले 20 जून 2026 तक गर्डर लॉन्चिंग का कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी कार्य अधूरा पड़ा रहा। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित की परियोजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
'काम नहीं तो भुगतान नहीं' का संदेश -
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि 20 लाख रुपये की एलडी (लिक्विडेटेड डैमेज) पेनाल्टी ठेकेदार के आगामी बिलों से काटी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगे भी कार्य की गति संतोषजनक नहीं रही तो और अधिक आर्थिक दंड के साथ कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
50 दिन का अल्टीमेटम, 12 अगस्त अंतिम तारीख -
बैठक में ठेकेदार ने 24 जून से अगले 50 दिनों के भीतर यानी 12 अगस्त 2026 तक पूरा सेतु, पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके साथ ही विस्तृत साप्ताहिक कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि अब हर सप्ताह कार्यस्थल पर प्रगति दिखाई देनी चाहिए। यदि तय लक्ष्य से कम काम हुआ तो अतिरिक्त पेनाल्टी लगाने में कोई संकोच नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों को भी दी जिम्मेदारी -
डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, कार्य की निगरानी रखने और निर्माण में आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेतु निर्माण पूरा होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
जनता पूछ रही- आखिर इतनी देरी क्यों?
घाघर नदी सेतु परियोजना लंबे समय से क्षेत्रीय जनता की प्राथमिक मांग रही है। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण लोगों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल सका। डीएम की कार्रवाई के बाद उम्मीद जगी है कि अब सुस्त निर्माण एजेंसियों पर नकेल कसेगी और परियोजना समय पर पूरी होगी।




