Sonbhadra News : मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर डीएम सख्त, बोले- हर डिलीवरी की हो निगरानी, सैम-मैम बच्चों को तत्काल मिले उपचार
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, पंचायती राज.....

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7:20 PM, May 14, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, पंचायती राज, नगर पालिका एवं नगर पंचायत के जनपद व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में होने वाली प्रत्येक डिलीवरी की प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए। यह स्पष्ट होना चाहिए कि प्रसव सरकारी अस्पतालों में हो रहे हैं अथवा निजी चिकित्सालयों में। उन्होंने आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव स्वास्थ्य केंद्रों पर कराए जाएं और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने घरों में होने वाली डिलीवरी की भी ट्रैकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए सभी एमवाईसी से रिपोर्ट मांगी।
बैठक में कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी जिलाधिकारी गंभीर नजर आए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सैम-मैम श्रेणी के अत्यधिक कमजोर बच्चों को तत्काल एनआरसी सेंटर में भर्ती कराया जाए और पूरी तरह स्वस्थ होने तक वहीं रखकर उनका नियमित परीक्षण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि सफाई कर्मियों द्वारा लापरवाही बरती जाती है तो संबंधित एजेंसी को सूचित कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
बैठक में लक्ष्य के सापेक्ष एएनसी पंजीकरण एवं संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए सुधार लाने पर जोर दिया गया। डीएम ने प्रत्येक माह होने वाली मातृ एवं शिशु मृत्यु का ऑडिट कर लाइन लिस्ट और रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने डीपीओ आईसीडीएस को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक माह ब्लॉक स्तर पर सैम बच्चों की सूची संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों से साझा की जाए तथा बच्चों का समुचित चिकित्सकीय प्रबंधन कराते हुए ई-कवच पोर्टल पर अपडेट सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आरबीएसके टीम को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 पंकज कुमार राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




