Sonbhadra News : जिला पुस्तकालय का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, बोले- युवाओं की सफलता का बनेगा 'आधुनिक नॉलेज हब'
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मंगलवार को राजकीय जिला पुस्तकालय का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुस्तकालय परिसर की स्वच्छता, अध्ययन कक्ष, पेयजल, विद्युत.....

राजकीय जिला पुस्तकालय का निरीक्षण करते डीएम चर्चित गोंड और सीडीओ जागृति अवस्थी......
sonbhadra
7:17 PM, July 7, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• यूपीएससी, यूपीपीएससी, एसएससी, नीट-जेईई सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की नवीनतम पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश
सोनभद्र । जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मंगलवार को राजकीय जिला पुस्तकालय का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुस्तकालय परिसर की स्वच्छता, अध्ययन कक्ष, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पुस्तक संग्रह, डिजिटल संसाधनों और पाठकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उपलब्ध मूलभूत व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। उन्होंने कहा कि राजकीय जिला पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रहालय नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए यहां गुणवत्तापूर्ण और अद्यतन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुस्तकालय में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी), एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस भर्ती, एनडीए, सीडीएस, टीईटी, सीटीईटी, नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित नवीनतम पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ, राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाएं और करंट अफेयर्स की सामग्री नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि जनपद के युवाओं को बेहतर अध्ययन संसाधन मिल सकें।
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पुस्तकालय के समग्र विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना, ई-ग्रंथालय पोर्टल से अधिकाधिक पाठकों को जोड़ने, करियर काउंसिलिंग, तनाव प्रबंधन कार्यशालाओं के नियमित आयोजन तथा पुस्तकालय को आधुनिक तकनीक से लैस करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में पुस्तकालय की सदस्य संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत जनपद के राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को पुस्तकालय की सदस्यता से जोड़ने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही सूचना विभाग के सहयोग से पुस्तकालय की गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुस्तकालय में ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर, टैबलेट और अन्य डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर प्रेरक व्याख्यान, पुस्तक परिचर्चा, करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।
बैठक में पुस्तकालय के दीर्घकालिक विकास के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से बहुउद्देशीय हॉल, डिजिटल लाइब्रेरी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य राजकीय जिला पुस्तकालय को जनपद में ज्ञान, अध्ययन, नवाचार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का उत्कृष्ट केंद्र बनाना है, जिससे अधिक से अधिक युवा लाभान्वित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला पुस्तकालयाध्यक्ष सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




