Sonbhadra News : डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान प्रोग्रेस मॉनिटरिंग डैशबोर्ड : बेसिक शिक्षा की अप्रैल माह की रैंकिंग जारी
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता सुधार के लिए जनपद में लागू की गई “डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान प्रोग्रेस मॉनिटरिंग डैशबोर्ड” की अप्रैल माह की रैंकिंग जारी क

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11:44 PM, May 9, 2026
पी के विश्वकर्मा (संवाददाता)
० कोन, नगवां और रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक ने बाजी मारी
० कोन ब्लाक लगातार माह सितंबर 25 से ही हर माह पहले स्थान पर
कोन (सोनभद्र) । बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता सुधार के लिए जनपद में लागू की गई “डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान प्रोग्रेस मॉनिटरिंग डैशबोर्ड” की अप्रैल माह की रैंकिंग जारी कर दी गयी है। अप्रैल 2026 के नवीनतम परिणामों के अनुसार विकास खंड कोन ने 56.52 के औसत स्कोर के साथ जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। खंड शिक्षा अधिकारी विश्वजीत कुमार के नेतृत्व में इस ब्लॉक ने निपुण स्कूल असेसमेंट एवं शिक्षक उपस्थिति जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं धनञ्जय सिंह के नेतृत्व वाले नगवां ब्लॉक ने दूसरा तथा महेन्द्र कुमार मौर्य के नेतृत्व वाले रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस पहल के कारण आकांक्षी जिला होने के बावजूद सोनभद्र आज डिजिटल छात्र उपस्थिति और शैक्षिक पारदर्शिता के मामले में प्रदेश के अग्रणी जनपदों की कतार में खड़ा है।
इस व्यवस्था की आधारशिला शैक्षणिक सत्र 2025-26 के अक्टूबर, नवंबर एवं दिसंबर माह में रखी गई थी, जब पायलट प्रोजेक्ट के तहत 18 सूचकों पर विद्यालयों की प्रगति की सघन मॉनिटरिंग की गई। इस सफल प्रयोग से जनपद की प्रगति प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुई। परिणामस्वरूप, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इस व्यवस्था को और व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया है। वर्तमान में यह डैशबोर्ड ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण असेसमेंट, छात्र उपस्थिति, शिक्षक उपस्थिति तथा अन्य शैक्षिक मानकों सहित 18 संकेतकों के कुल 26 डाटा पॉइंट्स पर ब्लॉकों की प्रगति का रियल-टाइम विश्लेषण कर रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग, सोनभद्र ने इस पहल को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखकर इसे प्रेरणा और सहभागिता से भी जोड़ा है। अब प्रत्येक ब्लॉक में प्रति माह श्रेष्ठ शिक्षकों एवं संकुल शिक्षकों को सम्मानित किया जाना अनिवार्य किया गया है, जिससे उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहन मिल सके। वहीं छात्र स्तर पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय में हर माह “स्टार ऑफ द मंथ” छात्र चयन की व्यवस्था भी प्रभावी रूप से लागू की गई है।
यह डिजिटल पहल जहाँ एक ओर उल्लेखनीय सफलताओं का आधार बनी है, वहीं दूसरी ओर दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले म्योरपुर एवं दुद्धी जैसे ब्लॉकों की चुनौतियों को भी स्पष्ट रूप से सामने ला रही है। नामांकन एवं छात्र उपस्थिति जैसे संकेतकों पर ये ब्लॉक क्रमशः 10वीं और 9वीं रैंक पर रहे हैं। हालांकि, इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह कमजोर क्षेत्रों की सटीक पहचान कर वहां सुधारात्मक रणनीतियाँ लागू करने का अवसर प्रदान कर रही है।
जनपद में शिक्षकों की औसत उपस्थिति 89.10 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि सभी ब्लॉकों द्वारा 100 प्रतिशत पाठ्यपुस्तक वितरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, जो विभागीय सक्रियता और प्रभावी प्रबंधन का प्रमाण है। प्रेरणा ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में छात्रों की उपस्थिति और एमडीएम उपभोग में उत्तरोत्तर और सराहनीय प्रगति देखने को मिली है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय का कहना है कि विद्यालयों के लिए प्रमुख दैनिक कार्यों की चेकलिस्ट सभी विद्यालयों को उपलब्ध कराई गई है जिसके अनुसार विद्यालय गतिविधियों को आयोजित करना सुनिश्चित करते हैं। प्रार्थना सभाओं की नियमितता, वार्षिकोत्सव आयोजन तथा “उल्लास” ऐप पर साक्षरता पंजीकरण जैसे मानकों की डिजिटल रिपोर्टिंग ने विद्यालयों को सीधे समुदाय और प्रशासन से जोड़ दिया है। विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास की उपयोगिता में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, डिजिटल छात्र उपस्थिति और शैक्षिक डेटा के कुशल प्रबंधन के साथ-साथ शिक्षकों एवं छात्रों को प्रोत्साहित करने की यह अभिनव पहल “सोनभद्र मॉडल” को प्रदेश की एक प्रभावी “बेस्ट प्रैक्टिस” के रूप में स्थापित करेगी।




