Sonbhadra News : लोगों में चर्चा, आखिर कौन चला रहा है स्वास्थ्य विभाग, क्या कोई रैकेट काम कर रहा
आखिर स्वास्थ्य विभाग को कौन चला है, अब लोग इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं। सवाल उठना भी लाजमी है क्योंकि जब जांच में पकड़े जाने के बाद सील अस्पताल/पैथोलॉजी खुला तो लोग हैरान रह गए।

sonbhadra
9:13 PM, January 18, 2026
शान्तनु कुमार/राजेश कुमार
० पहले जांच में पैथोलॉजी सील होती है, फिर बिना आदेश के अचानक खुल जाता है
० सह नोडल गुरु प्रसाद पहले ही बड़े रैकेट का जता चुके हैं आशंका
० दोबारा प्रशासन ने नहीं की अब तक कोई कार्यवाही
बभनी (सोनभद्र) । आखिर स्वास्थ्य विभाग को कौन चला है, अब लोग इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं। सवाल उठना भी लाजमी है क्योंकि जब जांच में पकड़े जाने के बाद सील अस्पताल/पैथोलॉजी खुला तो लोग हैरान रह गए। लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गया कि जब अधिकारी ने खुद मौके पर जांच कर अस्पताल/पैथोलॉजी को सील किया तो आखिर कुछ दिन बाद किसके आदेश पर अस्पताल/पैथोलॉजी को दोबारा खोल दिया गया । सवाल यह भी उठने लगा कि क्या जिले में कोई स्वास्थ्य माफिया काम कर रहा है जो अधिकारियों के आदेश को दरकिनार कर खुद अपना आदेश चल रहा है। बंद अस्पताल/पैथोलॉजी के दोबारा खुलने की खबर जैसे ही मीडिया में छापी प्रशासनिक हमले में हड़कम्प मच गया और एक बार फिर अस्पताल को आनन-फानन में बंद कर दिया गया । लेकिन यहां सवाल बार-बार यही खड़ा होता है कि आखिर बंद अस्पताल को खोलने का आदेश किसने दिया, इसकी जांच होनी चाहिए और दोषी स्वास्थ्य माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए । एक बात तो साफ है कि जिस तरह से सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने अपने बयान में खुद स्वीकार किया था कि स्वास्थ्य विभाग में बहुत बड़ा रैकेट काम कर रहा है जो न सिर्फ सारी गतिविधियों पर नजर रखता है बल्कि छापेमारी के पहले अस्पताल संचालकों को बात भी दे रहा है ताकि वे सचेत हो जाएं। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि बन्द अस्पताल को खोलने के पीछे इस तरह का रैकेट काम कर रहा है ।
आपको बता दें कि बभनी मोड पर स्वास्थ विभाग द्वारा सील पैथोलॉजी शनिवार को अचानक खुला तो विभागीय सवाल खडे होने लगे। जानकारी पर विभाग ने जाच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया।हालांकि रविवार को पैथोलॉजी और अस्पताल पर ताला लटकता रहा।
बीते सोमवार को अवैध पैथोलॉजी और अस्पतालो की जांच में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ताला लगा दिया गया था साथ ही कुछ पैथोलॉजी की मनमानी पर भी सील की कार्यवाही की गयी थी। अधिकारी द्वारा होम्योपैथिक दवा की आड में एलोपैथिक अस्पताल के संचालन पर अस्पताल सील किया और संचालक के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत करा दिया था। लेकिन संचालक की मनमानी तब सामने आई जब विभाग के बगैर किसी जांच और आदेश के ही संचालक ने मनमानी करते हुए पैथोलॉजी और अस्पतालो के ताले खोल दिए और धडल्ले से अस्पताल का संचालन शुरु कर दिया। रविवार को खबर प्रकशित होने के बाद संचालको ने फिर सटर गिराकर ताला बन्द कर दिया । हालांकि विभाग का सील नही लगा। और न ही पैथोलॉजी द्वारा सील तोड़े जाने पर कोई कार्यवाही और FIR कराया गया।



