Sonbhadra News : कागजों में विकास, जमीन पर विनाश, अरंगी पंचायत में करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगा ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
विकास खंड रॉबर्ट्सगंज की अरंगी ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ग्राम......

अरंगी ग्राम पंचायत में प्रधान व सचिव पर करोड़ों के हेरफेर का आरोप लगा प्रदर्शन करते ग्रामीण....
sonbhadra
12:57 PM, June 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• आवास के नाम पर वसूली, कागजों में नाली निर्माण का लगाया आरोप
• पानी को तरस रहे ग्रामीण, जांच की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग
• ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर करोड़ों रुपए गबन का लगाया आरोप
सोनभद्र । विकास खंड रॉबर्ट्सगंज की अरंगी ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के खिलाफ प्रदर्शन कर पंचायत में हुए विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में ग्राम पंचायत विकास का केंद्र बनने के बजाय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है, जहां सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचने के बजाय कागजों में ही सीमित रह गया।
ग्रामीण राजेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि पंचायत में करोड़ों रुपये की योजनाएं आईं, लेकिन जमीनी हकीकत बदहाल है। गांव में पेयजल संकट बना हुआ है, शौचालय अनुपयोगी हैं और पंचायत भवन मरम्मत के नाम पर खर्च किए गए धन का कोई स्पष्ट परिणाम दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच साल पहले सामान्य आर्थिक स्थिति वाले ग्राम प्रधान आज आलीशान मकानों और लग्जरी वाहनों के मालिक बन गए हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर संपत्तियों और विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नाली निर्माण के लिए लाखों रुपये स्वीकृत हुए, लेकिन अधिकांश स्थानों पर नालियां आज भी अधूरी हैं। शिकायतों और जांच की आशंका के बाद कुछ जगहों पर जल्दबाजी में निर्माण कार्य शुरू कराया गया, जिससे ग्रामीणों में और नाराजगी बढ़ गई है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कई मोहल्लों में घरों के सामने 10 से 15 दिनों तक गंदा पानी जमा रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
पेटराही निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत से विकास कार्यों का ब्योरा प्राप्त किया था। दस्तावेजों की पड़ताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। उनका आरोप है कि पेटराही माइनर से अमृत सरोवर तक नाली निर्माण के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि मौके पर कोई कार्य दिखाई नहीं देता। इसके अलावा अंत्येष्टि स्थल और ग्राम वाटिका निर्माण में भी मानकों की अनदेखी कर घटिया निर्माण कराने का आरोप लगाया गया।
ग्रामीण महिलाओं ने भी आवास योजना में धन उगाही का गंभीर आरोप लगाया। लीलावती, मनीषा और चंदा देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे एक हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक लिए गए, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें आवास नहीं मिला। चंदा देवी ने कहा कि उनका बेटा दिव्यांग है, इसके बावजूद उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं दिया गया।
ग्रामीण रामबली ने बताया कि गांव का हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। भीषण गर्मी में लोगों को दूर-दराज से पानी ढोना पड़ रहा है, जबकि पंचायत के पास टैंकर उपलब्ध होने के बावजूद पेयजल आपूर्ति नहीं कराई जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर विकास निधियों के उपयोग, आवास आवंटन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों के संबंध में ग्राम प्रधान पक्ष का बयान प्राप्त नहीं हो सका है।




