Sonbhadra News : विंध्य एक्सप्रेस-वे पर उचित मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को लेकर भाकियू का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
खरीफ सीजन के बीच सिंचाई, बिजली और उर्वरक संकट से जूझ रहे किसानों का आक्रोश आज कलेक्ट्रेट परिसर में फूट पड़ा। भारतीय किसान संघ के बैनर तले जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में......

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता.........
sonbhadra
1:55 PM, August 5, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । खरीफ सीजन के बीच सिंचाई, बिजली और उर्वरक संकट से जूझ रहे किसानों का आक्रोश आज कलेक्ट्रेट परिसर में फूट पड़ा। भारतीय किसान संघ के बैनर तले जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष रामबहादुर ने कहा कि "जनपद में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सोन लिफ्ट पंप कैनाल अपनी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि चौथे स्टेज पर प्रायः केवल दो पंप ही चल रहे हैं, जबकि तीसरा पंप कभी-कभार ही संचालित होता है। दूसरी ओर बांधों में पर्याप्त पानी न होने से नहरों का संचालन भी बंद है, जिससे धान सहित खरीफ की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच रही हैं। उन्होंने मांग की कि सभी पंपों को नियमित रूप से संचालित कर किसानों को तत्काल सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाए। किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल विद्युत व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अघोषित बिजली कटौती और लगातार लो-वोल्टेज की समस्या के कारण निजी नलकूप संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही है। ज्ञापन के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित 18 घंटे नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की गई। उर्वरक संकट का मुद्दा भी प्रदर्शन के केंद्र में रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि साधन सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं है। सीमांत और लघु किसानों को कई-कई दिनों तक समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, कई किसानों ने समिति पर नंबर लगाने के बावजूद अब तक एक बोरी उर्वरक भी नहीं मिलने की शिकायत की। किसान संघ ने मांग की कि सभी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और पात्र किसानों को बिना भेदभाव खाद वितरित करने के निर्देश दिए जाएं।"
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामबहादुर ने कहा कि "प्रभावित किसानों को वर्तमान बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा दिया जाए। इसके लिए पहले सर्किल रेट में यथोचित वृद्धि की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपजाऊ जमीन का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े। किसान आज पानी, बिजली और खाद जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो फसलें चौपट हो जाएंगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब होगी। प्रशासन को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए।"
इस दौरान जिला मंत्री प्रभुपाल सिंह मौर्या, प्रांतीय उपाध्यक्ष रामजी सिंह, प्रांतीय मंत्री सदानंद मौर्या, दयाराम, नन्दलाल, मदनलाल, सुरेंद्र, हीरालाल, जयप्रकाश सिंह, आनन्द प्रकाश सिंह, दिनेश सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।




