सोनभद्र । दुद्धी कस्बे मे स्थित सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर गरमाने लगा हैं। सरकारी जमीनों को चिन्हित कर संरक्षण करने एवं अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर आज बुधवार को दुद्धी व सिविल बार एसोसिएशन के दोनों अध्यक्षो ने एसडीएम निखिल यादव से मिलकर चिंता जाहिर की हैं। बुधवार को दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमचंद यादव, सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रभु सिंह एवं वरिष्ठ अधिवक्ता जितेद्र कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल एसडीएम से मुलाक़ात कर दुद्धी स्थित तालाब, पोखरा, बांध, भीठा तथा जलाशय आदि की भूमि संरक्षित करने की मांग की।एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में कहा हैं कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय 28 जनवरी 2011 जगपाल सिंह एवं अन्य बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसमें स्पष्ट रूप से मा० न्यायालय ने हिंचलाल तिवारी बनाम कमला देवी, एआईआर 2001, एस.सी. 3215 व अन्य मामलों में यह माना कि तालाब के रूप में दर्ज भूमि को किसी भी अन्य संबद्ध उद्देश्य के लिए आवंटित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। न्यायालय ने उ०प्र० में ग्राम सभा की जमीनों को हड़पने के सम्बन्ध में भी व्यापक निर्देश दिये है। इसके पूर्व नगर पंचायत एवं अन्य के द्वारा बढनी नाला तालाब पर अतिक्रमण रोकने के सम्बन्ध में दिनांक 15.05. 2025 के तहसील दिवस में दुद्धी बार एसोसिएशन एवं सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से अतिक्रमण रोकने हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया। नगर पंचायत द्वारा अभी मौके पर सुन्दरीकरण के नाम पर कार्य किया जा रहा है तथा जलमग्न क्षेत्र को कम किया जा रहा है, जो चिंतनीय है ।