Sonbhadra News: ओबरा में हैवी ब्लास्टिंग पर रोक की मांग, पर्यावरण संरक्षण मिशन ने तहसील दिवस में सौंपा पत्र
ओबरा तहसील से सटे खनन क्षेत्र में कथित हैवी ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर विश्व पर्यावरण संरक्षण मिशन ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र सौंपा।

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6:20 PM, September 5, 2026
घनश्याम पांडेय (संवाददाता)
ओबरा (सोनभद्र)। ओबरा तहसील से सटे खनन क्षेत्र में कथित हैवी ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर विश्व पर्यावरण संरक्षण मिशन ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र सौंपा। संगठन ने ब्लास्टिंग से आसपास के मकानों में कंपन और दरारें आने तथा लोगों में भय का माहौल होने का हवाला देते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.एन. चौबे की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया है कि तहसील परिसर से सटे खनन क्षेत्र में हैवी ब्लास्टिंग के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पत्र के मुताबिक ब्लास्टिंग के दौरान होने वाले कंपन से तहसील की भवन और लगे शीशे और आसपास के मकानों की छतों में दरारें पड़ रही हैं। साथ ही खनन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों के बीच किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर भय का माहौल बना रहता है। पत्र में कहा गया है कि तहसील परिसर सहित आसपास के क्षेत्र में लोगों का प्रतिदिन आना-जाना रहता है। ऐसे में हैवी ब्लास्टिंग के कारण किसी तरह की दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने जनहित और मानव जीवन की सुरक्षा का हवाला देते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। विश्व पर्यावरण संरक्षण मिशन ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जांच पूरी होने तक खनन क्षेत्र में होने वाली हैवी ब्लास्टिंग पर रोक लगाई जाए। संगठन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ब्लास्टिंग से होने वाले प्रभावों की जांच आवश्यक है। तहसील दिवस के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखी और कार्रवाई की मांग की। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित कराना है।




