Sonbhadra News : करंट से नहीं, लापरवाही से हो रही मौतें, पूर्व सदर विधायक ने बिजली विभाग के विरुद्ध खोला मोर्चा
जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। जर्जर तार, झुके हुए खंभे, खुले बिजली उपकरण और अधिकारियों की उदासीनता के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन विभाग चेतने....

पूर्व सदर विधायक अविनाश कुशवाहा......
sonbhadra
4:42 PM, June 11, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ने लगी है। जर्जर तार, झुके हुए खंभे, खुले बिजली उपकरण और अधिकारियों की उदासीनता के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन विभाग चेतने को तैयार नहीं है। ताजा मामला कोन क्षेत्र के पड़रछ गांव का है, जहां नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से 15 वर्षीय किशोर संदीप की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और भारी दबाव के बाद संबंधित जेई व एसडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने प्रेस वार्ता कर बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले में विद्युत विभाग की लापरवाही लगातार लोगों की जान ले रही है, लेकिन हर हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला दबा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि गरीबों और किसानों से बिजली बिल वसूलने में विभाग बेहद सक्रिय रहता है, लेकिन जब जनता जर्जर तारों, टूटे खंभों और बिजली संबंधी खतरों की शिकायत करती है तो अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं। परिणामस्वरूप मासूम बच्चों, महिलाओं और संविदा कर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
पूर्व सदर विधायक अविनाश कुशवाहा ने बताया कि 6 जून को पड़रछ गांव के ग्रामीणों ने समाधान दिवस में नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के तार को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, लेकिन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। नतीजा यह हुआ कि 9 जून को किशोर संदीप पुत्र रामआसरे करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों और सपा कार्यकर्ताओं के आक्रोश को देखते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
उन्होंने एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 25 मई को कोन क्षेत्र के संविदा लाइनमैन विनोद कुमार की भी विभागीय लापरवाही के कारण मौत हो गई थी। आरोप है कि लाइन बंद होने की सूचना के बावजूद बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे कार्य के दौरान उन्हें करंट लग गया और उनकी जान चली गई।
पूर्व विधायक ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। बढ़ौली गांव में करंट लगने से एक महिला और उसकी मासूम बेटी की मौत हो चुकी है। शाहगंज में स्टे वायर की चपेट में आने से एक महिला की जान गई, जबकि गंगाजल गांव में स्टेबलाइजर कार्य के दौरान बिजली आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बावजूद विभाग की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में कई स्थानों पर बिजली के खंभे मानकों के विपरीत सीधे मिट्टी में गाड़ दिए गए हैं, जिससे बारिश और तेज हवाओं में उनके गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं जर्जर तार और ढीली लाइनें लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं।
पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने मांग की कि पूरे जिले में विशेष अभियान चलाकर जर्जर तारों, खंभों और बिजली उपकरणों की तत्काल जांच कर उन्हें दुरुस्त कराया जाए साथ ही भविष्य में किसी भी दुर्घटना या जनहानि की स्थिति में संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




