Sonbhadra News : कलश यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, माँ की आराधना में डूबा क्षेत्र
थाना क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर रविवार को शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन कलश यात्रा निकाली गई।श्रद्धालु जलाशयों से जल भरकर पूजा स्थलों पर स्थापित किया

सोनभद्र
6:53 PM, October 11, 2026
धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र)। झारखंड बॉर्डर पर स्थित दिगंबर अखाड़ा अयोध्या से संबद्ध श्रीराम जानकी मंदिर में रविवार को नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। बाबा वेद मोहन दास ब्रह्मचारी के नेतृत्व में निकाली गई कलश यात्रा में सैकड़ों महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर मेन रोड, काली मंदिर और कोन मोड़ होते हुए मुड़ीसेमर ग्राम पंचायत स्थित शिव मंदिर के समीप सतत वाहिनी नदी तट पर पहुंची। यहां पंडित नंदलाल तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में जल भरवाया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर श्रीराम जानकी मंदिर पहुंचे, जहां मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधान से कलश स्थापना की गई।इस दौरान यजमान कृष्णा विश्वकर्मा, अजीत विश्वकर्मा, ग्राम प्रधान तारा देवी तथा समिति के अध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन ग्राम पंचायत हरनाकछार स्थित श्री मालेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मलिया नदी के पावन तट से निकली कलश यात्रा में सैकड़ों महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था और भक्ति प्रकट की। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।पुजारी बाबा अरविंद दुबे के नेतृत्व में आयोजित कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु मलिया नदी तट पर पहुंचे, जहां पंडित सोनू दुबे ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में जल भरवाया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर मंदिर पहुंचे, जहां मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष विधि-विधान से कलश स्थापना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा।इस धार्मिक आयोजन में यजमान जितेन्द्र प्रसाद सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
वहीँ ग्राम महुअरिया में नवरात्रि के प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता रानी की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कलश यात्रा के दौरान माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।




