Sonbhadra News : गो-पालन से बदलेगी ग्रामीण युवाओं की तकदीर, सरकार देगी 50% तक अनुदान
प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी कड़ी में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना जनपद के.....

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8:25 PM, June 24, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना से खुलेगा आत्मनिर्भरता का रास्ता, 21 जुलाई तक करें आवेदन
सोनभद्र । प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी कड़ी में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना जनपद के युवाओं, किसानों और महिला पशुपालकों के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 23.60 लाख रुपये की डेयरी परियोजना पर 50 प्रतिशत यानी 11.80 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में जनपद सोनभद्र के लिए छह लाभार्थियों (तीन महिला एवं तीन पुरुष) के चयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी 21 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ना लक्ष्य -
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप गो-संवर्धन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत लाभार्थी साहीवाल, गिर एवं थारपारकर जैसी उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली 10 स्वदेशी गायों की डेयरी इकाई स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रति इकाई कुल लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें लाभार्थी को 15 प्रतिशत स्वयं का अंशदान तथा 35 प्रतिशत बैंक ऋण की व्यवस्था करनी होगी। शेष 50 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में दो चरणों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजेगी।"
दो चरणों में मिलेगा अनुदान -
योजना के तहत पहले चरण का अनुदान डेयरी शेड, चारा भंडारण और अन्य आधारभूत संरचना तैयार होने के बाद दिया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण का अनुदान गायों की खरीद पूरी होने के बाद जारी किया जाएगा।
महिलाओं को प्राथमिकता -
सरकार ने इस योजना में 50 प्रतिशत महिला पशुपालकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ये शर्तें पूरी करना जरूरी -
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास कम से कम तीन वर्ष का गोपालन अनुभव, 0.20 एकड़ भूमि आधारभूत संरचना के लिए तथा 0.80 एकड़ भूमि हरे चारे के उत्पादन के लिए होना अनिवार्य है। इसके अलावा छह माह का बैंक स्टेटमेंट, ईयर टैगिंग, पशुओं का बीमा तथा अन्य निर्धारित दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
ई-लॉटरी से होगा चयन -
यदि आवेदन निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्राप्त होते हैं तो लाभार्थियों का चयन मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
इन योजनाओं के लाभार्थी नहीं होंगे पात्र -
पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो व्यक्ति पूर्व में कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु, नंद बाबा दुग्ध मिशन, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना अथवा मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
किसानों के लिए बड़ा अवसर -
पशुपालन विभाग का मानना है कि यह योजना न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और गो-संवर्धन को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विभाग ने पात्र किसानों एवं पशुपालकों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।




