Sonbhadra News : लंबित भुगतान सहित विभिन्न मांगों को लेकर रसोइयों ने किया प्रदर्शन
आज परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को..….

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते रसोईयां......
sonbhadra
8:09 PM, February 18, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों ने माध्यमिक भारतीय रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान रसोइयों ने वर्ष 2004 से लंबित न्यूनतम मानदेय के अंतर बकाया, स्थायीकरण और रसोइयों के कल्याण से जुड़ी मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है।
एसोसिएशन के संस्थापक तैय्यब अंसारी ने बताया कि "परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइये प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बहुत कम मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका जीविकोपार्जन कठिन हो रहा है। संगठन का कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें रसोइयों से 11 माह के बजाय पूरे 12 माह कार्य लिए जाने और तदनुसार मानदेय देने की बात शामिल है। इसके अतिरिक्त, रसोइयों का नवीनीकरण स्वतः करने, प्रस्तावित प्रतिबंधों को समाप्त करने, मातृत्व अवकाश, मेडिकल सुविधा और 14 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने की भी मांग की गई है। मृतक रसोइयों के स्थान पर उनके परिवार के सदस्य को नियुक्ति तथा न्याय पंचायत स्तर पर स्थानांतरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है। माध्यमिक भारती रसोईया वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के संस्थापक संरक्षक तईयब अंसारी ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि 2026-27 के बजट में रसोइयों के लिए न्यूनतम मानदेय की घोषणा की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय नहीं लेती है और भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय प्रदान नहीं करती है, तो संगठन देशव्यापी जनांदोलन और हड़ताल करने को बाध्य होगा।"
तैय्यब अंसारी ने बताया कि "आशा, आंगनबाड़ी, बेसिक और शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने की चर्चाएं सामने आई हैं, लेकिन रसोइयों के मानदेय वृद्धि पर कोई बात नहीं हुई। उन्होंने चेताते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो मार्च में संगठन बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी।"
इस दौरान ज्ञान्ति देवी, गायत्री देवी, गीता, रितु, कबूतरी देवी, विजय, रूपवंती देवी, हीरावती देवी, कलावती, लालती, रजनी, अनीता देवी, डॉ0 शिवपूजन, गंगा देवी, संतरा, रामकली सहित बड़ी संख्या में रसोईयां मौजूद रही।



