Sonbhadra News : मतदाता सूची से नाम काटने की साजिश? सपा ने भाजपा पर लगाया फॉर्म-7 के दुरुपयोग का गंभीर आरोप
जिले में मतदाता सूची को लेकर सियासी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। आज समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फार्म...….

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4:56 PM, February 6, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिले में मतदाता सूची को लेकर सियासी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। आज समाजवादी पार्टी के नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फार्म संख्या-7 भरवाने का गंभीर आरोप लगाया है। सपाइयों ने मांग की है कि ऐसे सभी फार्म तत्काल निरस्त किए जाएं और गलत तरीके से फार्म भरने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
बताते चलें कि कुल 14 लोगों के फार्म 7 बीएलओ लेकर आए, इसमें से केवल दो या तीन लोगों की मौत हुई है। बाकी को अनुपस्थित दिखाया गया है और नाम काटने के लिए फार्म 7 भरकर फर्जी शिकायतकर्ता सोहन लाल के नाम से दे दिया गया था, जबकि ज्यादातर लोग राबर्ट्सगंज विधानसभा के भाग 14 के मतदाता हैं।
सपा ने लगाया फॉर्म-7 को लेकर साजिश का आरोप -
पूर्व सदर विधायक अविनाश कुशवाहा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि "सत्ता में बैठे लोग हार के डर से अब 'वोट की चोट' का सहारा ले रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी बीजेपी के दबाव में काम कर रहे हैं और फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल करके विपक्ष समर्थक वोटरों को वोट डालने से रोकने की कोशिश की जा रही है। रॉबर्ट्सगंज विधानसभा क्षेत्र स्थित बूथ संख्या 14, पूरब मोहाल दलित बस्ती सहित कई बूथों पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पहले से पंजीकृत मतदाताओं के फार्म-7 भरवाकर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास जमा कराए जा रहे हैं। यह आरोप लगाया गया है कि इसके माध्यम से मतदाताओं पर वोट कटवाने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनमें रोष व्याप्त है और वे मानसिक रूप से परेशान हैं। सपा नेताओं ने मांग की है कि विगत दिनों में भरे गए सभी फार्म-7 को तुरंत निरस्त किया जाए साथ ही यह भी कहा गया कि प्रतिदिन सभी राजनीतिक दलों द्वारा भरे गए फार्म-7 का बूथवार विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।"
नहीं चेता जिला प्रशासन तो होगा बड़ा आंदोलन -
पूर्व सपा विधायक ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर यह प्रक्रिया तुरंत नहीं रुकी और हटाए गए नाम वापस नहीं जोड़े गए, तो वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतरेंगे और बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।
जिला प्रशासन में हलचल -
सपा के पूर्व विधायक के आरोपों के बाद सोनभद्र जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। अधिकारी अब मामले की जांच और सत्यापन में जुट गए हैं। प्रशासन ने सख्ती से कहा है कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी और किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
मतदाताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की चिंता -
जिले के मतदाता और राजनीतिक पर्यवेक्षक इस मामले को लोकतंत्र और वोटर अधिकारों के लिए गंभीर मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि फॉर्म-7 का दुरुपयोग हुआ है, तो यह भाजपा सरकार की राजनीतिक रणनीति के तहत वोटिंग अधिकारों पर नियंत्रण का प्रयास हो सकता है।
ये रहे मौजूद -
इस दौरान सपा जिला सचिव प्रमोद यादव, सपा युवजन सभा राष्ट्रीय सचिव अजीत यादव, महिला सभा जिलाध्यक्ष गीता गौर, विमलेश पटेल, कामरान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




