Sonbhadra News : अवैध खनन पर कांग्रेस ने खोला मोर्चा, डीएम को ज्ञापन सौंप की कार्यवाही की मांग
ओबरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिल्ली, मारकुंडी और खरटिया में संचालित मेसर्स डी0एस0 माइनिंग के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों और जनसुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों...

डीएम को ज्ञापन सौंपने जाता कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल....
sonbhadra
5:41 PM, June 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । ओबरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बिल्ली, मारकुंडी और खरटिया में संचालित मेसर्स डी0एस0 माइनिंग के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों और जनसुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए खनन कार्यों की उच्चस्तरीय जांच और तत्काल प्रभाव से संचालन पर रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो पार्टी ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतरकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि खनन क्षेत्र में नियमों और सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
चौपाल में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा -
जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने बताया कि "12 जून 2026 को ग्राम खैरटिया में आयोजित कांग्रेस की चौपाल के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, आदिवासियों और वंचित समुदाय के लोगों ने खनन कार्यों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में धूल, प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि विकास और राजस्व के नाम पर यदि स्थानीय लोगों की सुरक्षा और पर्यावरण को खतरे में डाला जाएगा तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी।"
खनन बंद नहीं हुआ तो सड़क पर उतरेगी कांग्रेस -
जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि "यदि विवादित खनन कार्य को तत्काल बंद नहीं कराया गया और शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी स्थानीय जनता के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो आंदोलन के लिए पूरी तरह जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा।"
उच्चस्तरीय जांच की मांग -
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मेसर्स डी0एस0 माइनिंग के संचालन, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन, सुरक्षा व्यवस्थाओं और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि क्षेत्र के लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
ये रहे मौजूद -
इस दौरान प्रदेश सचिव कमलेश ओझा, पिछड़ा प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सेतराम केशरी, पूर्व शहर अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी, प्रदेश सचिव जितेंद्र पासवान, आरटीआई जिलाध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष लल्लूराम पांडेय, पिछड़ा प्रकोष्ठ कार्यवाहक अध्यक्ष दिनेश यादव सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




