Sonbhadra News : नगर दर्शन तथा फुलवारी की लीला ने दर्शकों का मोहा मन
महुली के राजा बरियार शाह खेल मैदान में मंचित हो रहे श्रीराम लीला के चौथे दिन नगर दर्शन तथा फुलवारी लीला का मंचन

सोनभद्र
10:30 AM, October 12, 2026
धर्मेन्द्र गुप्ता (संवाददाता)
विंढमगंज (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के महुली में चल रहे रामलीला की चौथे दिन रविवार को नगर दर्शन फुलवारी लीला का मंचन किया गया।
लीला के प्रसंग अनुसार मुनि विश्वामित्र से अनुमति लेकर श्री राम लक्ष्मण के साथ जनकपुर देखने जाते हैं। दोनों भाइयों के जनकपुर पहुंचते ही इन्हें देखने के लिए काम धाम छोड़ लोग दौड़ पड़ते हैं ।अष्टसखी संवाद होता है सखियां राम, लक्ष्मण के रंग रूप का आपस में बखान करती है। एक कहती है कि लगता है करोड़ों कामदेव की छवि को जीता है तो दूसरी कहती है कि हंस के बालकों के समान इनकी जोड़ी है। तीसरी सखी कहती है कि महाराज जनक को धनुष यज्ञ छोड़ जानकी का विवाह इसी वर्ष से कर देना चाहिए।इसी बीच आशंकित होकर एक सखी कहती है कि महाराज का धनुष बहुत कठोर है और यह बालक बहुत कोमल हैं।
सभी सखियां दुविधा में पड़ जाती है अन्य सखी इस शंका को दूर करते हुए कहती है कि जिसके चरणरज पाते ही अहिल्या धन्य हो गई तो क्या बिना शिव धनुष तोड़े रह पाएंगे। सखियां दोनों भाइयों पर पुष्प वर्षा करने लगते हैं ।दोनों भाई विश्वामित्र मुनि के पास लौटकर आते हैं। सुबह होने पर दोनों भाई फुलवारी जाते हैं इस समय गिरिजा पूजन के लिए जान जानकी का आगमन होता है वह गिरजा स्तुति कर अपने लिए योग्यवर मांगती है। सखियां जानकी से राजकुमारों के रंग रूप का वर्णन करती है। सीता आश्चर्यचकित हो इधर-उधर देखते हैं। सीता की पायल व गहनों की आवाज सुन श्री राम लक्ष्मण कहते हैं कि ऐसा लग रहा है मानो कामदेव ने विश्व विजय की दो दूंगी बजाई है जानकी, पूनम ,गिरजा स्तुति करती है व मांगती है कि मेरे मनोरथ को आप अच्छी तरह से जानती हैं ।तभी आकाशवाणी होती है कि तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी सीता राजमहल लौट जाती है श्री राम विश्वामित्र के पास जाकर देरी का कारण बताते हैं ।
इसके पूर्व ब्लाक प्रमुख दुद्धी रंजना मणि चौधरी, सेवानिवृत्त जिला जज राजन चौधरी तथा पत्रकार सुशील गुप्ता अपनी धर्मपत्नी चन्द्रमुखी गुप्ता के साथ प्रभु श्रीराम की आरती उतारी।
इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष व ग्राम प्रधान अरविन्द जायसवाल, अमित कुमार, वीरेंद्र कुमार कन्नौजिया, चंद्रभूषण कन्नौजिया समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।




