Sonbhadra News : ऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में केमिस्टों ने दुकानें बंद कर किया प्रदर्शन, सरकार को दी आर-पार की चेतावनी
उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में ऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में जिलेभर के केमिस्ट और मेडिकल स्टोर संचालक सड़कों पर उतर आए। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के.....

भारत बंद के दौरान नगर के स्वर्ण जयंती चौक पर प्रदर्शन करते केमिस्ट......
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2:12 PM, May 20, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• ई-फार्मेसी पर स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप, कलेक्ट्रेट पहुंच व्यापारियों ने जताया विरोध
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी सोनभद्र में ऑनलाइन दवा कारोबार के विरोध में जिलेभर के केमिस्ट और मेडिकल स्टोर संचालक सड़कों पर उतर आए। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर जिले की अधिकांश दवा दुकानें बंद रहीं, जबकि बड़ी संख्या में दवा व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। हड़ताल के चलते मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयां लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
राबर्ट्सगंज, रामगढ़, चोपन, घोरावल समेत जिले के विभिन्न कस्बों और बाजारों में सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद नजर आए। आम दिनों की तुलना में दवा बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। कई मरीज आवश्यक दवाओं के लिए इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। हालांकि व्यापारियों ने दावा किया कि आपातकालीन और जीवनरक्षक दवाओं की व्यवस्था अलग से सुनिश्चित की गई थी ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो।
प्रदर्शन कर रहे दवा व्यापारियों ने आरोप लगाया कि "ई-फार्मेसी कंपनियां बिना पर्याप्त निगरानी और वैध सत्यापन के दवाओं की बिक्री कर रही हैं। उनका कहना था कि कई मामलों में फर्जी डॉक्टरी पर्चों के जरिए दवाएं घर-घर पहुंचाई जा रही हैं, जो सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुका है। व्यापारियों ने आशंका जताई कि ऑनलाइन माध्यम से नींद की गोलियां, दर्द निवारक और अन्य संवेदनशील दवाएं भी युवाओं तक बेरोकटोक पहुंच रही हैं, जिससे नशे के दुरुपयोग की घटनाएं बढ़ सकती हैं। दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही भारी छूट और 'डीप डिस्काउंटिंग' नीति पर भी कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बाजार पर कब्जा करने के लिए दवाओं को बेहद कम कीमत पर बेच रहे हैं, जिससे छोटे और मध्यम मेडिकल स्टोर संचालकों का कारोबार चौपट हो रहा है साथ ही दवाओं की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है।"
कलेक्ट्रेट पहुंचे व्यापारियों ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजते हुए मांग किया कि "ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, फार्मासिस्ट की अनिवार्य निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा फर्जी प्रिस्क्रिप्शन के जरिए हो रही बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।"
इस दौरान बृजानंद सिंह, मनोज कुशवाहा, अमित कुमार, रंजीत कुमार, रोहित कुमार, दीनदयाल मौर्या, सुमित केशरी, विकास सिंह, आशुतोष सिंह, पंकज मिश्रा, शेखर पांडेय, नितिन, राकेश सहित बड़ी संख्या में केमिस्ट एवं दवा व्यापारी मौजूद रहे।




