Sonbhadra News : सीडीओ ने किया काशी हस्तकला प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण
आज मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने बट्ट-मधुपुर में स्थापित काशी हस्तकला प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। उनके द्वारा स्थल पर 150 महिलाओं द्वारा चरखा एवं मटके से धागा निकालते हुए तथा धागा को....

काशी हस्तकला प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण करती सीडीओ जागृति अवस्थी
sonbhadra
7:27 PM, December 28, 2024
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आज मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने बट्ट-मधुपुर में स्थापित काशी हस्तकला प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। उनके द्वारा स्थल पर 150 महिलाओं द्वारा चरखा एवं मटके से धागा निकालते हुए तथा धागा को बॉबिन में भरते हुए एवं कपड़े की बुनाई करते हुए देखा गया। यह सम्पूर्ण कार्य मधुपुर, बट्ट, गौराही, सुकृत, बघोर, मझुई की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने पूछा कि इस कार्य में कितनी आय प्रतिदिन या प्रति माह हो जाती है इस पर कार्य कर रही महिलाओं में सरिता देवी, पार्वती एवं प्रीति द्वारा बताया कि ₹5000 से 7000 प्रति माह प्राप्त हो जाता है उनके तथा अन्य महिलाओं द्वारा यह भी बताया गया कि हम लोग अपने घर का सम्पूर्ण कार्य करने के उपरान्त सुबह 10 बजे के करीब आते हैं तथा सांय 4 बजे यहां से चले जाते है इसी अवधि में यहां पर कार्य किया जाता है, शेष समय में घर का सम्पूर्ण दैनिक कार्य किया जाता हैं इससे कभी भी घर के कार्यों में अवरोध नहीं होता है साथ ही हर माह अतिरिक्त आय हो जाती है, जिससे घरेलू खर्चे तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई आदि कार्य सुचारू रूप से हो जाता है। उपस्थित महिलाओं ने सीडीओ को अवगत कराया कि यहां पर 40 चरखे और उपलब्ध करा दिये जाये जिससे हम लोगों के साथ ही अन्य इच्छुक महिलाओं को कार्य करने का अवसर प्राप्त हो सके।
मुख्य विकास अधिकारी ने रेशम के कार्य से जुड़े तथा हो रहे कार्य को देख कर सराहा तथा सहायक निदेशक रेशम को निर्देश दिया कि स्थल की आवश्यकता को देखते हुए क्या-क्या आवश्यक है उसका पूरा प्रस्ताव सोलर सिस्टम को जोड़ते हुए प्रस्तुत करें, जिससे यहां पर कार्यो को और अधिक गति प्रदान की जा सके। आगे आने वाले समय में यहीं पर टसर रेशम के उत्पाद भी तैयार किये जाये, जिससे जनपद में उत्पादित हो रहे टसर रेशम कोया का उपयोग जनपद में ही किया जा सके। इस प्रकार इसे मॉडल के रूप में स्थापित कराया जाय।
बताते चलें कि बट्ट-मधुपुर में स्थापित काशी हस्तकला प्रतिष्ठान में रेशम विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों से रेशम धागा उत्पादन का कार्य कराया जा रहा है। इसमें चरखा धागा एवं मटका धागा उत्पादित किया जा रहा है। इस संस्था द्वारा जनपद सोनभद्र के रेशम कृषकों से कोया का क्रय कर वर्ष भर धागा उत्पादन का कार्य किया जा रहा था, माह जुलाई 2024 से हैण्डलूम की 4 लूम स्थापित कराते हुए कपड़ा बुनाई का कार्य भी प्रारम्भ कराया गया इसमें कार्यरत महिलाओं को केन्द्रीय रेशम बोर्ड भारत-सरकार के विशेषज्ञों द्वारा धागा की गुणवत्ता में सुधार हेतु माह नवम्बर 2024 में प्रशिक्षण कराया गया था जिसके बाद धागा की गुणवत्ता में अत्यधिक सुधार हुआ तथा बुनाई के कार्य में प्रयोग किये जाने से उच्च कोटि का टसर रेशम कपड़ा तैयार हुआ जिसकी मांग वाराणसी की मार्केट भी बढ़ गई है।




