Sonbhadra News : उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय नवाचार पुरस्कार से सम्मानित होंगे बीएसए मुकुल आनन्द पाण्डेय
जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय का चयन राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक प्रशासन में नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए किए जाने वाले प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया है। बीएसए.....

बीएसए मुकुल आनन्द पाण्डेय....
sonbhadra
12:11 AM, March 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय का चयन राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक प्रशासन में नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के लिए किए जाने वाले प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया है। बीएसए मुकुल आनंद पांडेय के साथ सीतापुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह, कौशाम्बी के डॉ0 कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा और कन्नौज के संदीप कुमार को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान के प्रस्ताव पर शासन ने इन अधिकारियों को पुरस्कार ग्रहण करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र व सतर्कता अनापत्ति प्रदान कर दी है।
बताते चलें कि जिले के वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय को वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान किए गए प्रशासनिक नवाचारों के लिए सम्मानित किया जाएगा। जिले के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले जिले में तैनात रहे पूर्व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ0 गोरखनाथ पटेल को भी उनके कार्यकाल में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल नवाचार श्रेणी में यह सम्मान मिल चुका है।
पिछले वर्ष जुलाई में आयोजित ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण में मुकुल आनंद पांडेय ने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से विशेषज्ञों को प्रभावित किया। उनके नेतृत्व में जिले की ओर से प्रस्तुत निपुण भारत मिशन की मॉनिटरिंग के लिए विकसित डैशबोर्ड को नवाचारपूर्ण और अन्य जिलों में लागू किए जा सकने वाले मॉडल के रूप में सराहा गया। डैशबोर्ड के निर्माण में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) सोनभद्र का तकनीकी सहयोग मिला, जबकि विभाग के शिक्षक डॉ0 सूर्य प्रकाश ने इस पहल को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थर्ड पार्टी सर्वेक्षणों और आंकड़ों के अनुसार इस नवाचार के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। डैशबोर्ड के माध्यम से कक्षावार लक्ष्य निर्धारित कर उपचारात्मक शिक्षण सुनिश्चित किया गया, जिससे छात्रों की उपस्थिति दर में वृद्धि हुई और ड्रॉपआउट दर में कमी आई। इसी प्रभावी मॉनिटरिंग का परिणाम रहा कि निपुण इस पहल का उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में छात्रों के अधिगम स्तर को सुधारना और उसकी सतत निगरानी सुनिश्चित करना था। वहीं छात्र मूल्यांकन परीक्षा 2024 में सोनभद्र ने पूरे प्रदेश में छठां स्थान प्राप्त किया।



