Sonbhadra News : किसानों की अनदेखी पर भड़की भाकियू, प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
किसानों की लंबित समस्याओं और विभिन्न जनपदों में चल रहे किसान आंदोलनों के समर्थन में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष बिरजू....

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते किसान....
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4:21 PM, June 15, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । किसानों की लंबित समस्याओं और विभिन्न जनपदों में चल रहे किसान आंदोलनों के समर्थन में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष बिरजू कुशवाहा के नेतृत्व में जुटे किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन का ध्यान उन किसानों की ओर आकर्षित किया जो पिछले कई महीनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी जारी रही तो संगठन व्यापक आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगा।
जिलाध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने बताया कि "जनपद के भैसवार गांव में चकबंदी में कथित अनियमितताओं के विरोध में किसान पिछले 13 माह से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लगातार धरना देने के बावजूद किसानों को न्याय नहीं मिलना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि गौतमबुद्ध नगर के रौनीजा गांव में यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ी समस्याओं को लेकर किसान पिछले 12 माह से आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी मांगों पर भी कोई प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया है।"
किसानों ने उठाईं कई प्रमुख मांगें -
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की कि यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे आगरा तक सर्विस रोड का निर्माण कराया जाए ताकि स्थानीय लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। साथ ही वर्ष 2008 के समझौते के अनुसार प्रभावित किसानों को आवासीय प्लॉट और अतिरिक्त मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
किसानों ने जेवर टोल प्लाजा प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जेवर टोल रैंप को बंद करने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि एक्सप्रेस-वे बनने के बाद पुराने संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को छोटी दूरी तय करने के लिए भी टोल शुल्क चुकाना पड़ता है।
भाकियू नेताओं ने भैसवार गांव की चकबंदी में हुई कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और धरनारत किसानों को न्याय दिलाने की भी मांग की।
किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं -
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन आज वही किसान अपनी जायज मांगों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। यदि किसानों की आवाज को अनसुना किया गया तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।
प्रदर्शन में बृजेश कुमार, संजय कुमार यादव, मनोज कुमार, सीताराम सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।




