Sonbhadra News : विशाल मगरमच्छ की फुंफकार से सहमा बिसरेखी गांव, एक घंटे की मशक्कत के बाद 'जल दैत्य' का वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
रविवार की सुबह करीब 10 बजे बिसरेखी गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब आबादी के बीच अचानक करीब नौ फीट लंबा और ढाई कुंतल वजनी विशालकाय मादा मगरमच्छ दिखाई दिया। बांस के पेड़ के पास से निकलकर मगरमच्छ......

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5:00 PM, August 16, 2026
राजकुमार गुप्ता (संवाददाता)
घोरावल । रविवार की सुबह बिसरेखी गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब आबादी के बीच अचानक करीब नौ फीट लंबा और ढाई कुंतल वजनी विशालकाय मादा मगरमच्छ दिखाई दिया। बांस के पेड़ के पास से निकलकर मगरमच्छ धीरे-धीरे रमेश विश्वकर्मा के घर की ओर बढ़ रहा था। विशालकाय मगरमच्छ को देखते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू में आया मगरमच्छ -
मगरमच्छ का विशाल आकार और फुंफकार देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए लोगों ने साहस दिखाते हुए मगरमच्छ को पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश नहीं की और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर वन दारोगा राजन मिश्रा, वन्यजीव रक्षक राहुल कुमार, विशाल कुमार, उज्जवल पांडेय और ओमप्रकाश टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर हटाते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने बेहद सावधानी से रस्सी, नेट और बांस की मदद से मगरमच्छ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक चली कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार टीम ने विशालकाय मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में ले लिया। रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित वाहन से मुक्खा फाल के जलाशय तक ले जाया गया, जहां उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। मगरमच्छ के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
बारिश में बढ़ जाता है आबादी में मगरमच्छ पहुंचने का खतरा -
वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि "बिसरेखी गांव की आवासीय बस्ती से करीब नौ फीट लंबी मादा मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में बेलन नदी, बकहर नदी, नहरों और तालाबों का जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे में मगरमच्छ जलस्रोतों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों, खेतों और आसपास के इलाकों में पहुंच सकते हैं।"
वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने ग्रामीणों से अपील किया कि "बारिश के दौरान नदी, तालाब, नहर और अन्य जलस्रोतों के आसपास विशेष सतर्कता बरतें। खेतों और घनी झाड़ियों में जाते समय भी सावधानी रखें। यदि कहीं मगरमच्छ दिखाई दे तो उसके करीब जाने, उसे घेरने या पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।"




