Sonbhadra News : स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, करोड़ों की बिल्डिंग में इलाज नहीं, चल रहा नशेड़ियों का अड्डा
अति पिछड़े जनपद सोनभद्र में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक स्वास्थ्य केंद्रों की इमारतें तो खड़ी कर दीं, लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों.....

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9:29 PM, July 7, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अति पिछड़े जनपद सोनभद्र में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक स्वास्थ्य केंद्रों की इमारतें तो खड़ी कर दीं, लेकिन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी है। हालात ऐसे हैं कि कई स्वास्थ्य केंद्र इलाज के बजाय बदहाली और अव्यवस्था की मिसाल बन चुके हैं। ताजा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन के अंतर्गत आने वाले पीएचसी घोरिया का है, जहां अस्पताल परिसर में शराब की खाली बोतलें, नमकीन के पैकेट, फैली गंदगी और सूनी पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। करोड़ों की लागत से तैयार भवन मरीजों के इलाज के बजाय उपेक्षा और लापरवाही की मूक गवाही देता नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि पीएचसी घोरिया पर फार्मासिस्ट सहित चार स्टॉप की तैनाती तो कर दी गई है, लेकिन अस्पताल में न तो नियमित रूप से कोई कर्मचारी पहुंचता है और न ही मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। अस्पताल परिसर पूरी तरह वीरान पड़ा हुआ है।
इस बदहाल व्यवस्था का खुलासा उस समय हुआ जब इंटर्नशिप के लिए आए छात्रों को प्रशिक्षण के उद्देश्य से पीएचसी घोरिया भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर छात्र हैरान रह गए। वहां न कोई डॉक्टर मिला, न कोई कर्मचारी और न ही एक भी मरीज। अस्पताल परिसर में केवल शराब की खाली बोतलें, नमकीन के खाली पैकेट और गंदगी फैली मिली, जिससे साफ प्रतीत हो रहा था कि अस्पताल इलाज का केंद्र नहीं बल्कि नशेड़ियों का ठिकाना बन चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी नियमित निरीक्षण नहीं करते, जिसके चलते सरकारी भवन असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अस्पताल में नियमित चिकित्सक और कर्मचारी उपलब्ध रहें तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं।
पूरे मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि "पीएचसी घोरिया के संचालन के लिए फार्मासिस्ट सहित चार कर्मचारियों की तैनाती पहले से की गई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल के सुचारु संचालन में क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां, मोबाइल नेटवर्क की समस्या, ग्रामीणों द्वारा अस्पताल का ताला तोड़े जाने तथा सरकारी सामान चोरी होने जैसी घटनाएं बड़ी बाधा बन रही हैं। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही पुलिस विभाग को पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही वह स्वयं मौके का भौतिक निरीक्षण करेंगे और अस्पताल का नियमित एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।"




