Sonbhadra News : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा बदलाव, अब नहीं मिलेगी चांदी की पायल-बिछिया
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वर्ष गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में मिलने वाले सरकारी नेग का स्वरूप बदल गया है। चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों और उसकी गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों....

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sonbhadra
5:59 PM, June 16, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• बेटियों के खाते में सीधे भेजे जाएंगे 4 हजार रुपये अतिरिक्त
• जिले को मिला 937 शादियों का लक्ष्य
• 21, 24 और 29 जून को होंगे सामूहिक विवाह समारोह, 1800 आवेदनों में अब तक 300 पात्र
सोनभद्र । मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत इस वर्ष गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में मिलने वाले सरकारी नेग का स्वरूप बदल गया है। चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों और उसकी गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच शासन ने बड़ा फैसला लेते हुए सामूहिक विवाह में दी जाने वाली चांदी की पायल और बिछिया की व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब इसके स्थान पर लाभार्थी कन्याओं के बैंक खातों में सीधे 4 हजार रुपये अतिरिक्त भेजे जाएंगे।
जिले को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 937 सामूहिक विवाहों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके तहत जून माह में ही 21 जून, 24 जून और 29 जून को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन और समाज कल्याण विभाग इसके लिए आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है।
अब 60 नहीं, 64 हजार रुपये सीधे खाते में -
अब तक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कन्या के खाते में 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, 25 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर खर्च किए जाते थे। इसके अलावा विदाई के समय चांदी की पायल और बिछिया भी दी जाती थी। नई व्यवस्था के तहत चांदी के आभूषणों को योजना से हटा दिया गया है। इसके बदले कन्या के खाते में 60 हजार की जगह 64 हजार रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। वहीं गृहस्थी सामग्री पर होने वाला खर्च भी अब 25 हजार रुपये से घटाकर 21 हजार रुपये कर दिया गया है।
937 विवाहों का लक्ष्य, पात्रों की तलाश जारी -
जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि "जनपद को इस वर्ष 937 बेटियों के सामूहिक विवाह का लक्ष्य मिला है, जिसे 31 मार्च 2027 तक पूरा किया जाएगा। योजना के लिए अब तक 1800 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया के बाद अभी तक केवल 300 आवेदक ही पात्र पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस बार उपहार व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। अब चांदी की पायल और बिछिया नहीं दी जाएगी, बल्कि उनकी लागत की राशि सीधे लाभार्थी कन्या के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी। विदाई के समय पूर्व की भांति गृहस्थी की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।"




