Sonbhadra News : साइबर ठगों का शिकार हुआ बीसी, बीस हजार की ठगी
इन दिनों भले ही आनलाईन ट्रांजेक्शन का क्रेज बढ़ा हो और लोगों को नकदी लेकर घूमने से छुटकारा भी मिल गया हो । लेकिन वहीं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं ।

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10:33 PM, September 13, 2024
पी0के0 विश्वकर्मा (संवाददाता)
◆ परिचित का व्हाट्सएप डीपी लगाकर लिया विश्वास मे, फिर डलवाया बीस हजार
कोन (सोनभद्र) । इन दिनों भले ही आनलाईन ट्रांजेक्शन का क्रेज बढ़ा हो और लोगों को नकदी लेकर घूमने से छुटकारा भी मिल गया हो । लेकिन वहीं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं । ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर साइबर क्राइम की गिद्ध निगाह बराबर लगी रहती है । सावधानी हटी नहीं कि दुर्घटना घटी वाली स्थिति है।
शुक्रवार को ऐसा ही घटना कस्बा कोन में दिखने को मिला । बीसी चला रहे युवक अविनाश जायसवाल भी बीस हजार का ठगी का शिकार हो गया । जानकारी होते ही अविनाश जायसवाल निवासी नरहटी चांचीकला ने साइबर क्राइम में आनलाइन शिकायत दर्ज करा दिया है।
जानकारी के अनुसार चांचीकला निवासी अविनाश जायसवाल कोन में सीएससी चलाता है । जहां गांव वालों के कुछ पैसों का लेनदेन का काम करके जीवकोपार्जन करता था । शुक्रवार की सुबह कोन के ही एक दुकानदार का फोटो लगाकर अविनाश के परिचित दुकानदार का अपने व्हाट्सएप पर डीपी लगाकर व्हाट्सएप मैसेज के द्वारा बातचीत करके क्यूआर कोड (स्केनर) डालकर तीस हजार डालने की बात लिखा, जिसे देख बीसी ने कहा ठीक है पैसा कम है कुछ देर में डाल देगें । परिचित दुकानदार व पहले से लेनदेन करने के कारण मैसेज पर ही विश्वास कर बीसी ने बीस हजार डाल दिया। विश्वास इतना था कि टेलीफोनिक बात तक करने की जहमत नही उठाया, जब कुछ समय तक लिखे गये मैसेज के अनुसार दुकान पर नगद लेकर कोई नही पहुंचा बीसी अविनाश ने डीपी लगा दुकानदार के पास जाकर पैसों की
मांग किया तो सुनकर दंग हो गया । क्योंकि उसने कहा कि हमने आज कोई पैसा नहीं डलवाया है, ना ही मैसेज किया है । मोबाइल नंबर भी उक्त दुकानदार का नहीं था। फर्जी तरीके से दुकानदार का डीपी लगाकर बीसी से बीस हजार का फ्राड कर लिया गया । क्यूआर कोड को स्केनिंग करने पर रवि शर्मा का नाम आ रहा है। हालांकि बीसी ने थाने में जाकर साइबर क्राइम में आनलाइन शिकायत दर्ज करा दिया है।




