Sonbhadra News : “पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय” अभियान के तहत निकाली गई जागरूकता रैली
महत्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के अंतर्गत “पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय” अभियान के तहत एनटीपीसी शक्तिनगर परिसर में भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया।

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9:58 PM, April 23, 2026
० कुलपति आनंद त्यागी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को किया रवाना, नगर व गांवों में हुआ व्यापक भ्रमण
० एनटीपीसी शक्तिनगर परिसर का दौरा, छात्रों-शिक्षकों से संवाद और शैक्षणिक माहौल सुधार पर जोर
शक्तिनगर (सोनभद्र)। महत्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के अंतर्गत “पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय” अभियान के तहत एनटीपीसी शक्तिनगर परिसर में भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ कुलपति प्रो. आनंद त्यागी, ग्रामप्रधान प्रमोद तिवारी व हीरालाल, एनटीपीसी सिंगरौली प्रबंधक डॉ ओमप्रकाश और एनसीएल खड़िया सीएसआर अधिकारी अमरेंद्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर छात्रों में शिक्षा के प्रति उत्साह और जागरूकता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
यह रैली नगर के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ गांव-गांव में भ्रमण करते हुए शिक्षा के प्रचार-प्रसार का संदेश देती हुई आगे बढ़ी। छात्रों ने नारे लगाकर उच्च शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। रैली का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अधिक से अधिक युवाओं को विश्वविद्यालय से जोड़ना रहा।
कुलपति प्रो. आनंद त्यागी ने अपने दौरे के दौरान एनटीपीसी शक्तिनगर कैंपस का निरीक्षण किया और छात्रों, आचार्यों, प्रबुद्धजनों व पत्रकारों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने परिसर के शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने हेतु सुझाव आमंत्रित किए और सभी से सहयोग की अपील की। इस दौरान पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक शिक्षा की उपयोगिता, वर्तमान स्तर और क्षेत्र विशेष के लिए लाभप्रद पाठ्यक्रमों पर भी चर्चा की गई।
संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, आवागमन सुविधा और अन्य आवश्यकताओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। कुलपति ने बताया कि एनसीएल के सीएसआर मद से छात्राओं के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा विश्वविद्यालय भी छात्रों के लिए ऐसी सुविधाओं के विस्तार का प्रयास कर रहा है। उन्होंने एनटीपीसी और एनसीएल से सहयोग की अपेक्षा करते हुए छात्रावास हेतु कमरों की व्यवस्था में सहयोग की बात कही।
कुलपति ने आसपास की कंपनियों से भी अपील की कि वे सीएसआर फंड के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग दें, ताकि समाज में शैक्षणिक विकास को और गति मिल सके। उन्होंने बताया कि मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के प्रारंभ होने के बाद, अधिनियम के अंतर्गत सोनभद्र में नए पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे।
दूरस्थ क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। यह कैंपस एनटीपीसी के साथ अनुबंध के आधार पर संचालित हो रहा है, जहां पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सीएसआर के तहत कंप्यूटर लैब की स्थापना की जा चुकी है और जल्द ही स्मार्ट क्लास की भी शुरुआत की जाएगी। आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और स्मार्ट शिक्षा उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।
परिसर प्रभारी डॉ प्रदीप यादव ने कुलपति का स्वागत पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर किया। इस दौरान प्रमुख रूप से डॉ विनोद पांडेय, डॉ छोटेलाल, डॉ माणिकचंद पांडेय, डॉ उदयनारायण पांडेय, शक्तिनगर थाना प्रभारी सतेन्द्र राय, डॉ अपर्णा त्रिपाठी, डॉ आनंदप्रिया सिंह, श्रीमती अजय लक्ष्मी, डॉ दिनेश सोनकर, डॉ अविनाश दुबे, बीएचयू शोध छात्र रंजीत कुमार राय सहित सभी आचार्य परिवार व छात्र छात्रायें उपस्थित रहे।



